Have you seen the famous ancient Katarmal Temple where the worship of the sun god? https://www.indonepalnews.in Sun, 22 Apr 2018 08:15:09 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://www.indonepalnews.in/wp-content/uploads/2018/12/cropped-rsz_indo-nepal-news-logo-32x32.png Have you seen the famous ancient Katarmal Temple where the worship of the sun god? https://www.indonepalnews.in 32 32 क्‍या आपने देखा है प्रसिद्ध प्राचीन कटारमल मंदिर जहां होती है सूर्य देव की आराधना https://www.indonepalnews.in/have-you-seen-the-famous-ancient-katarmal-temple-where-the-worship-of-the-sun-god/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%9f%e0%a4%a8/ Sun, 22 Apr 2018 08:15:09 +0000 http://www.indonepalnews.com/?p=20495

छठी शताब्‍दी में शुरू हुआ निमार्ण

कटारमल सूर्य मन्दिर पूर्वाभिमुखी है और उत्तराखण्ड राज्य में अल्मोड़ा जिले के अधेली सुनार नामक गांव में स्थित है। कहते हैं इसका निर्माण कत्यूरी राजवंश के तत्कालीन शासक कटारमल के द्वारा छठीं से नवीं शताब्दी में हुआ था। यह कुमांऊ के सबसे ऊंचे मन्दिरों की सूची में भी शामिल है। इस मंदिर का स्थापत्य और शिल्प कला का बेजोड़ उदाहरण है। मंदिर को एक ऊंचे वर्गाकार चबूतरे पर बनाया गया है। आज भी इसके खंडित हो चुके ऊंचे शिखर को देखकर इसकी विशालता व वैभव का स्पष्ट अनुमान होता है। 

अदभुद संरचना

मुख्य मन्दिर के आस-पास 45 छोटे-बड़े मन्दिरों का समूह भी बेजोड़ है। मुख्य मन्दिर की संरचना त्रिरथ है और वर्गाकार गर्भगृह के साथ वक्ररेखी शिखर सहित निर्मित है। मंदिर के गर्भगृह का प्रवेश द्वार उच्‍चकोटि की काष्ठ कला से बना था, जो अब कुछ अन्य अवशेषों के साथ नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय में रखवा दिया गया है।

मंदिर से जुड़ी कहानी 

पौराणिक उल्लेखों के अनुसार कहते हैं कि सतयुग में उत्तराखण्ड की कन्दराओं में जब ऋषि-मुनियों पर धर्म पर आस्‍था ना रखने वाले एक असुर ने अत्याचार किये थे। उस समय द्रोणगिरी कषायपर्वत और कंजार पर्वत के ऋषि मुनियों ने कौशिकी जो अब कोसी नदी कहलाती है के तट पर आकर सूर्य देव की स्तुति की थी। तब ऋषि मुनियों की प्रार्थना से प्रसन्न होकर उन्‍होंने अपने दिव्य तेज को एक वटशिला में स्थापित कर दिया। इसी वटशिला पर कत्यूरी राजवंश के शासक कटारमल ने बड़ादित्य नामक तीर्थ स्थान के रूप में इस सूर्य मन्दिर का निर्माण करवाया, जो अब कटारमल सूर्य मन्दिर के नाम से प्रसिद्ध है।


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