आज बासी खाने की प्राचीन है परंपरा——-

आज बासी खाने की प्राचीन है परंपरा-------

आज बासी खाने की प्राचीन है परंपरा——-

परंपरा रविवार आज ध्यान रखेंगे यह बातें तो बचे रहेंगे कई बीमारियों से– रविवार 19 मार्च को शीतला सप्तमी है । भारत में शीतला सप्तमी पर बासी खाने की प्राचीन परंपरा चली आ रही है । कई क्षेत्रों में शीतला अष्टमी 20 मार्च पर बासी खाना खाते हैं। यह सर्दी शीत ऋतु के जाने का और गर्मी ग्रीष्म ऋतु के आने का समय है । दो रितुओ के संधिकाल में खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

 यदि इन दिनों में आवश्यक सावधानी रखी जाती है तो कई मौसमी बीमारियों से सुरक्षा हो सकती है। हिंदी पंचांग के अनुसार अभी चैत्र मास चल रहा है। इस मास के कृष्ण पक्ष में आने वाले सप्तमी अष्टमी को शीतला सप्तमी और शीतला अष्टमी कहा जाता है। इन 2 दिनों में सुख समृद्धि की कामना से शीतला माता के लिए व्रत रखा जाता है।

 ऐसे करें शीतला माता की पूजा आप——-

  सुखी स्वास्थ्य और समृद्ध घर परिवार की कामना से शीतला माता की पूजा करें परिवार की स्त्रियां ही नहीं पुरुष भी यहां लिखें मंत्र से माता की पूजा करें पूजा में गंध चावल फूल वस्त्र भोजन आदि पूजन सामग्री अर्पित करें। 

महंथ सूरेश दास

रामजानकी मंदिर 

सोनौली महराजगंज

उ०प्र०

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