नेपाल: इस्तीफे के बाद भी घिरा सत्ता का खेल — सुधन गुरुङ का कदम या दबाव की राजनीति?
नेपाल: इस्तीफे के बाद भी घिरा सत्ता का खेल — सुधन गुरुङ का कदम या दबाव की राजनीति?
आई एन न्यूज काठमांडू डेस्क:
गृहमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सुधन गुरुङ भले ही मंत्रालय से बाहर हो गए हों, लेकिन उनके इस्तीफे ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह इस्तीफा नैतिक जिम्मेदारी का परिणाम है या फिर बढ़ते राजनीतिक दबाव के आगे झुकने की मजबूरी?
गुरुङ ने प्रधानमंत्री बालेन शाह को इस्तीफा सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, लेकिन विपक्ष इस कदम को “देरी से लिया गया फैसला” बता रहा है। उनका आरोप है कि जब तक विवाद ने तूल नहीं पकड़ा, तब तक सरकार चुप्पी साधे रही।
विवादित व्यापारी दीपक भट्ट के साथ साझेदारी के आरोपों ने गुरुङ की साख पर गंभीर सवाल खड़े किए। विपक्षी दलों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि सत्ता और कारोबार के बीच गहरे रिश्तों का उदाहरण है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। सत्तारूढ़ दल के भीतर भी इस मुद्दे को लेकर असहजता देखी जा रही है, जिससे आंतरिक कलह की आशंका बढ़ गई है।
इस्तीफे के बाद गुरुङ का मंत्रालय जाकर कर्मचारियों को धन्यवाद देना एक औपचारिकता भर माना जा रहा है, जबकि असली लड़ाई अब जांच और राजनीतिक जवाबदेही की है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या वास्तव में निष्पक्ष जांच होगी या यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा। (स्रोत सोशल मीडिया )



