नौतनवा ओवर ब्रिज के खिलाफ पूर्व सांसद कुंवर अखिलेश सिंह का बड़ा बयान
नौतनवा ओवर ब्रिज के खिलाफ पूर्व सांसद कुंवर अखिलेश सिंह का बड़ा बयान
मां बनैलिया मंदिर के समक्ष बन रहे ओवर ब्रिज के खिलाफ पूर्व सांसद कुंवर अखिलेश सिंह का बड़ा बयान – नौतनवा के भविष्य की रक्षा हेतु एकजुट होने का किया आह्वान
आई एन न्यूज नौतनवा डेस्क: नौतनवा नगर के भविष्य और धार्मिक आस्था के प्रतीक माता बनैलिया मंदिर की सुरक्षा को लेकर बुधवार को एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित हुई। इस दौरान महाराजगंज के पूर्व सांसद कुंवर अखिलेश सिंह ने नौतनवा स्थित अपने आवास पर प्रेस को संबोधित करते हुए बनैलिया मंदिर के सामने बन रहे ओवर ब्रिज के निर्माण पर गंभीर आपत्ति जताई।
पुर्व सांसद ने कहा कि जिस स्थान पर यह ओवर ब्रिज बनाया जा रहा है, वह भारत-नेपाल सीमा का एक अत्यंत संवेदनशील और आस्था से जुड़ा क्षेत्र है। यह वही मार्ग है जिससे लुंबिनी — भगवान बुद्ध की जन्मस्थली — और कुशीनगर — उनकी निर्वाण स्थली — सबसे निकट पड़ते हैं। उन्होंने बताया कि नौतनवा से खनुवा मार्ग पर बन रहे इस ओवर ब्रिज की बनावट और दिशा पूरी तरह मानकों के विरुद्ध है।
उन्होंने चिंता जाहिर की यह ओवर ब्रिज इतना संकरा है कि उसके नीचे से दो बसें या दो ट्रक एक साथ नहीं गुजर सकते। यदि खनुवा की ओर से कोई वाहन तेज रफ्तार में आता है, तो सीधा बनैलिया मंदिर से टकराने का खतरा है। श्री सिंह ने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि इस मार्ग का चौड़ीकरण किया गया, तो मां बनैलिया मंदिर का एक बड़ा हिस्सा सड़क में समाहित हो जाएगा, जो धार्मिक भावना के साथ बड़ा अन्याय होगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा रोहिन बैराज का नाम “मां बनैलिया रोहिन बैराज” रखे जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं भी नेपाल से लौटते समय मां बनैलिया के दर्शन करने आए थे। ऐसे में मंदिर की आस्था और महत्व को नकारा नहीं जा सकता।
पूर्व सांसद ने नौतनवा के सभी बुद्धिजीवी वर्ग, समाजसेवी, अधिवक्ताओं, पत्रकारों और श्रद्धालुओं से अपील किया कि वे एक मंच पर आकर इस अन्यायपूर्ण ओवर ब्रिज निर्माण के खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने कहा, “संघर्ष से हर असंभव चीज संभव हो सकता है।”
यह मुद्दा सिर्फ एक निर्माण का नहीं, बल्कि नौतनवा के धार्मिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक भविष्य से जुड़ा है — जिसे लेकर अब जनआंदोलन की आवश्यकता है।
महाराजगंज– उत्तर प्रदेश।





