तालाब बनी सड़क: सेना लेफ्टिनेंट और CRPF अफसरों के गांव पिपरा परसौनी
तालाब बनी सड़क: सेना लेफ्टिनेंट और CRPF अफसरों के गांव पिपरा परसौनी में तीन मीटर गड्ढा बना ग्रामीणों के लिए सिरदर्द
आई एन न्यूज कोल्होई डेस्क:
कोल्होई थाना क्षेत्र के अंतर्गत सोनौली-गोरखपुर हाइवे से सटे ग्राम सभा पिपरा परसौनी की सड़क इन दिनों ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। इस गांव ने बीते दो वर्षों में प्रदेश और जिला स्तर पर उस समय सुर्खियां बटोरी थीं, जब एक ही परिवार के दो सगे भाइयों का चयन देश की प्रतिष्ठित सुरक्षा सेवाओं में हुआ। जुलाई 2024 में बड़े भाई नवनीत मिश्रा का चयन CRPF में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर हुआ था, जबकि 2025 में छोटे भाई निशांत मिश्रा ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद पर चयन पाकर पूरे गांव का नाम रोशन किया।
लेकिन अफसोसजनक स्थिति यह है कि जिस गांव से ऐसे होनहार अफसर निकले, वहां की मूलभूत सुविधाएं आज भी बदहाल हैं। गांव में प्रवेश करते ही प्राथमिक विद्यालय की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर लगभग तीन मीटर लंबा और डेढ़ फीट गहरा गड्ढा बना हुआ है, जो अब एक छोटे तालाब का रूप ले चुका है। बरसात में इसमें जलभराव की स्थिति कई-कई दिनों तक बनी रहती है, जिससे राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए मुश्किल सफर
गांव के बाहर ही स्थित प्राथमिक विद्यालय तक पहुंचना छोटे बच्चों के लिए चुनौती बन गया है। ग्रामीण बताते हैं कि बारिश के समय बच्चों को स्कूल भेजना किसी जोखिम से कम नहीं होता। बाइक और साइकिल चालकों को गड्ढा पार करना खतरनाक साबित हो रहा है, वहीं छोटी कार और ऑटो रिक्शा जैसे वाहन अक्सर कीचड़ और गड्ढे में फंस जाते हैं।
हाइवे से गांव तक की सीसी रोड शानदार, लेकिन आगे हाल बेहाल
गौरतलब है कि हाइवे से गांव तक लगभग 400 मीटर तक की सीसी रोड बहुत अच्छी हालत में है, जिसे पूर्व भाजपा विधायक बजरंग बहादुर सिंह ने बनवाया था। लेकिन वहीं से आगे जहां गांव की मुख्य आबादी शुरू होती है, वहां की सड़कें कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं।
इस संबंध में पूछे जाने पर गांव के प्रधान प्रतिनिधि दिनेश यादव ने बताया कि ग्रामीणों की यह समस्या उन्हें भी मालूम है। उन्होंने कहा, “बारिश के कारण कार्य में बाधा आ रही है। जैसे ही पानी सूखेगा, सड़क की मरम्मत का कार्य तत्काल शुरू करवा दिया जाएगा।”
उनके इस आश्वासन से गांववासियों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें इस समस्या से छुटकारा मिलेगा और गांव की सड़कें फिर से चलने लायक बनेंगी।
एक ओर जहां इस गांव के युवाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर अपना और गांव का नाम रोशन किया है, वहीं दूसरी ओर गांव की जमीनी हकीकत सरकार और प्रशासन के दावों को आईना दिखा रही है। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द इस सड़क की मरम्मत हो ताकि आने-जाने में सुविधा हो और बच्चों की शिक्षा में भी कोई बाधा न आए।
रिपोर्ट: संवाददाता, कोल्होई रिजवान खान।





