राज्यपाल ने नकली शराब और राजनीतिक मुकदमों को समाप्त करने सहित आठ विधेयकों को दी मंजूरी

आई एन न्यूज ब्यूरो लखनऊ: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज नकली और अवैध शराब का कारोबार करने वालों को राज्य विधान मण्डल द्वारा पारित कड़ी सजा देने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी।
राज्यपाल ने आज आठ विधेयकों को अपनी मंजूरी दी जिसमें प्रदेश सरकार द्वारा 20 हजार राजनीतिक मुकदमों को समाप्त करने वाला विधेयक भी शामिल है। इसी के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर दर्ज मामले भी हटाये जाने की बात है। राजभवन द्वारा आज जारी एक बयान के मुताबिक राज्यपाल ने आज आठ विधेयक पारित किये। इसमें उत्तर प्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक 2017 द्वारा उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम 1910 में संशोधन किया गया है जो प्रदेश में अवैध मदिरा की बिक्री से होने वाली राजस्व क्षति एवं अवैध मदिरा के विषाक्त होने और उसके सेवन से जनहानि की घटनाओं से संबंधित हैं। इस संबंध में 27 सितम्बर, 2017 को अध्यादेश भी जारी किया गया था। इसी तरह राजनीतिक मुकदमों को हटाने वाले बिल को भी राज्यपाल ने मंजूरी दी है।
उत्तर प्रदेश दण्ड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) (संशोधन) विधेयक 2017 द्वारा पूर्व में अधिनियमित उत्तर प्रदेश दण्ड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) (संशोधन) विधेयक 1979 की कतिपय धाराओं में संशोधन किया गया है। राजभवन द्वारा जारी बयान के मुताबिक राज्य विधान मण्डल द्वारा पारित उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संशोधन) विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश आधार (वित्तीय और अन्य सहायिकियों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्ष्यित परिदान) विधेयक 2017, व्यवसाय संघ (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश चलचित्र (विनियमन) (संशोधन) विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश प्रयागराज मेला प्राधिकरण इलाहाबाद विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश दण्ड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) (संशोधन) विधेयक 2017 एवं उत्तर प्रदेश निरसन विधेयक 2017 को अपनी अनुमति प्रदान कर दी है।





