यौन शोषण के आरोपी प्रोफेसर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस से भिड़े छात्र
यौन शोषण के आरोपी प्रोफेसर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस से भिड़े छात्र
आई एन न्यूज ब्यूरो,नई दिल्ली।
यौन शोषण के आरोपी प्रोफेसर अतुल जौहरी को हटाने की मांग को लेकर जेएनयू के छात्र-छात्राओं ने सोमवार शाम को वसंतकुंज थाने तक विरोध मार्च निकाला। छात्राओं का कहना है कि जब एफआईआर कोदर्ज किए हुए कई दिन हो गए हैं तो इतने गंभीर आरोपी को पुलिस ने अभी तक क्यों गिरफ्तार नहीं किया है। छात्रों के प्रदर्शन की वजह से काफी समय तक सड़क पर ट्रैफिक जाम हो गया। जेएनयू छात्रसंघ की ओर से जारी बयान के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने शिकायत करने वाली छात्राओं के मामले में प्रोफेसर अतुल जौहरी पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं।
सोमवार को चार शिकायतकर्ताओं के अलग-अलग बयान भी दर्ज किए गए। हालांकि छात्रसंघ ने पुलिस पर अतुल जौहरी के बयान दर्ज ने करने और उसे एक दिन का मौका और देने का आरोप लगाया। छात्रसंघ के मुताबिक पुलिस मंगलवार को अब अतुल जौहरी से पूछताछ करेगी।
सोमवार को शिक्षक संघ के नेतृत्व में शिक्षकों ने जेएनयू परिसर में ‘सत्याग्रह’ आंदोलन शुरू कर दिया। इसके बाद तीन शिक्षकों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। ये तीनों शिक्षक बुधवार तक तीन दिन भूख हड़ताल पर रहेंगे। छात्रों ने दो मुद्दों को लेकर परिसर में अलग-अलग जगह प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जेएनयू में कुलपति ने अपनी मनमानी से कई केंद्रों के सात चेयरपर्सन और डीन को बदल दिया है। उनका आरोप है कि कुलपति अपने खास लोगों को इन पदों पर काबिज करने के लिए चेयरपर्सन और डीन को बदल दिया।
उनका कहना है कि प्रशासन अनिवार्य हाजिरी को लागू करने और अपने फैसलों को जबरदस्ती थोपने के लिए हर केंद्रों में प्रमुख पदों पर अपने लोगों को गलत तरीके से भरना चाहता है। जेएनयू शिक्षक संघ के सचिव सुधीर के सुथर का कहना है कि जेएनयू प्रशासन ने पहले तो एकादमिक परिषद की बैठक में बिना प्रस्ताव पारित किए कक्षाओं में हाजिरी अनिवार्य करने के फैसले को लागू कर दिया। इसके बाद उन्होंने डीन और चेयरपर्सन को निशाना बनाकर हटाया गया। प्रशासन के गलत फैसलों का विरोध करने वाले छात्रों को नोटिस भेजे गए और जुर्माना लगाया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन विश्वविद्यालय की अकादमिक संस्कृति को नष्ट करने पर तुला हुआ है।





