पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडीस नहीं रहे।
आईएन न्यूज़ नई दिल्ली डेस्क।
भारत के पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडीस का आज उनके आवास पर 88 साल की उम्र में निधन हो गया। आज तड़के उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली।
जार्ज फर्नांडीस बाजपेयी सरकार में मंत्री रहे।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार जॉर्ज फर्नांडीस लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। परिवार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि फर्नांडीस अल्जाइमर बीमारी से पीड़ित थे। और अभी हाल ही में उन्हें स्वाइन फ्लू भी हो गया था।
जॉर्ज फर्नांडीस अपने समय के कद्दावर नेता माने जाते रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत श्रमिक संगठनों का नेतृत्व से किया था। फर्नांडीस 1998 से 2004 तक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार में रक्षा मंत्री के पद पर कार्य किया। सन 2004 में वे नालंदा सीट से सांसद चुने गए। वे 1967 से 2004 तक 9 बार लोकसभा चुनाव चुने गए।
जब 2009 के लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने उन्हें टिकट देने से इनकार कर दिया। तब जॉर्ज फर्नांडिस नहीं माने और उन्होंने मुज्जफरपुर से निर्दलीय पर्चा दाखिल किया। किन्तु उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
जॉर्ज फर्नांडीस के निधन पर राजनीतिक जगत में शोक की लहर व्याप्त हो गयी।
जॉर्ज फर्नांडीस के रक्षा मंत्री रहते हुए भारत-पाकिस्तान के बीच करगिल युद्ध हुआ जिसमें भारत की जीत हुई। पोखरण परमाणु परीक्षण के समय भी फर्नांडीस ही रक्षा मंत्री थे।
बीजेपी सरकार के अलावा जॉर्ज फर्नांडीस 1989 में वीपी सिंह सरकार में रेल मंत्री और 1977 की जनता पार्टी सरकार में संचार और उद्योग मंत्री के तौर पर काम किया। मजदूर यूनियन नेता के तौर पर अपना राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले जॉर्ज फर्नांडीस 1967 में पहली बार सांसद बने । 1975 में इंदिरा गांधी की लगाई इमरजेंसी के बाद एक मजबूत नेता के रुप मे जॉर्ज फर्नांडिस उभरे। लोकसभा चुनाव 1977 में जेल में रहते हुए उन्होंने रिकॉर्ड वोट से जीत हासिल की। जॉर्ज फर्नांडीस ने 1994 में जनता दल छोड़कर समता पार्टी का गठन कर लिया ।





