जागेश्वर धाम चमोली में जमकर हुई बर्फबारी के बाद का एक नजारा

जागेश्वर धाम चमोली में जमकर हुई बर्फबारी के बाद का एक नजारा

जागेश्वर धाम चमोली में जमकर हुई बर्फबारी के बाद का एक नजारा जागेश्वर धाम चमोली में जमकर हुई बर्फबारी के बाद का एक नजाराजागेश्वर धाम चमोली में जमकर हुई बर्फबारी के बाद का एक नजारा।
आई एन न्यूज उत्तराखंड डेस्क:
जागेश्वर धाम चमोली में बर्फबारी हुई है जो उत्तराखंड के केदारनाथ धान और बदरीनाथ धाम के बीच मण्डल घाटी गोपेश्वर चमोली में बना है । जागेश्वर आज बर्फ की चादर मे लिपट गया है … प्रकृति का खूबसूरत नजारा आप देरव सकते है।
बता दे की पुराणों के अनुसार शिवजी तथा सप्तऋषियों ने यहां तपस्या की थी। कहा जाता है कि प्राचीन समय में जागेश्वर मंदिर में मांगी गई मन्नतें उसी रूप में स्वीकार हो जाती थीं जिसका भारी दुरुपयोग हो रहा था। आठवीं सदी में आदि शंकराचार्य जागेश्वर आए और उन्होंने महामृत्युंजय में स्थापित शिवलिंग को कीलित करके इस दुरुपयोग को रोकने की व्यवस्था की। शंकराचार्य जी द्वारा कीलित किए जाने के बाद से अब यहां दूसरों के लिए बुरी कामना करने वालों की मनोकामनाएंपूरी नहीं होती केवल यज्ञ एवं अनुष्ठान से मंगलकारी मनोकामनाएं ही पूरी हो सकती हैं।

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