क्या लखनऊ में हिंसा करने वाले उपद्रवी बांग्लादेशी थे?
क्या लखनऊ में हिंसा करने वाले उपद्रवी बांग्लादेशी थे?
आई एन न्यूज लखनऊ डेस्क: लखनऊ में हुई हिंसा में बांग्लादेशियों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस को मिले सुराग तो यही इशारा कर रहे हैं। दरअसल, लखनऊ पुलिस को हिंसा के बाद पांच मोबाइल फोन मिले हैं। जिनमें बांग्ला भाषा में संदेशों का आदान-प्रदान किया गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि ये उपद्रवी बांग्लादेशी हैं। जो हिंसा फैलाने के मकसद से ही यहां इकट्ठा हुए थे। मामले की जांच की जा रही है।
बता दें कि बृहस्पतिवार को लखनऊ में नागरिकता कानून के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हुआ। इस दौरान कई इलाकों में हिंसा भड़क उठी। दंगाइयों ने बस, कारें व दोपहिया वाहनों में आग लगाने के साथ ही पुलिस चौकियों को आग के हवाले कर दिया। एहतियात के तौर पर शनिवार दोपहर तक के लिए इंटरनेट बंद कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस मुख्यालय ने दावा किया है कि बृहस्पतिवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस ने हिंसक प्रदर्शन को रोकने के लिए 3305 लोगों को हिरासत में लिया गया। वहीं सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर किए गए आपत्तिजनक, भ्रामक पोस्ट, मैसेज के संबंध में प्रदेश में कुल 13 अभियोग पंजीकृत किए गए और 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 1786 ट्विटर पोस्ट और 3037 फेसबुक व 38 यूट्यूब पोस्ट को हटाने के लिए सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क किया गया है।
वहीं, पूरे उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू है। जबकि गाजियाबाद, लखनऊ, मुजफ्फरनगर, बरेली, आजमगढ़ समेत कई जिलों में इंटरनेट सेवा बंद कर दिया गया है।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों के उपद्रव से बृहस्पतिवार को लखनऊ जल उठा। प्रदर्शनकारियों ने राजधानी की दो पुलिस चौकियां फूंक दीं। रोडवेज बस समेत दर्जनों वाहनों को आग के हवाले कर दिया। भीषण पथराव के साथ कई राउंड फायरिंग की। इस दौरान तीन नागरिकों को गोली लग गई, जिसमें एक युवक की मौत हो गई।
उ०पु०





