सीमा सील होने से दरक रहा रिस्ता भाइयों की कलाई पर कैसे बांधेंगी बहने राखी
सीमा सील होने से दरक रहा रिस्ता भाइयों की कलाई पर कैसे बांधेंगी बहने राखी
– करीब डेढ़ वर्ष से भारत नेपाल की सीमा है सील
– पगडंडियों के सहारे निबह रहा रिस्ता, व्यापारी भुखमरी की कगार पर
आई एन न्यूज ठूठीबारी डेस्क;
रोटी बेटी के सम्बन्धों में सीमा सील होने से रिस्ता दरकता हुए दिख रहा। सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग पगडंडियों के सहारे रिस्तो के निर्वहन में देखें जा रहे है। शादी हो या अन्य कोई समारोह में शामिल होने के लिए बिना साधन सवारी पैदल यात्रा कर लोग दरकते हुए रिश्ते को निभाते हुए नजर आ रहे है। आगामी महीने में भाई बहन का सबसे बड़ा त्योहार जिसे भारत सहित नेपाल में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है उसपर भी सीमा सील होने के कारण ग्रहण लगता दिख रहा है। जंहा बहने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने को लेकर अभी से निराश है वही भाई भी अपने कलाई के सुने होने की आशंका से दुखी है। सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों ने भारत नेपाल दोनों सरकार से गुहार लगाई है कि रक्षा बंधन के पहले भारत नेपाल की सीमा को खोला जाय जिससे कि रोटी बेटी के सम्बंध पर प्रतिकूल असर ना पड़ सके।
कोरोना महामारी के पहले दौर से लेकर अबतक भारत नेपाल की सीमा सील है। सीमा सील होने के कारण जंहा एक तरफ सीमावर्ती क्षेत्र के व्यापारी भुखमरी के कगार पर जा पंहुचे है वही सदियों से चलती चली आ रही रोटी बेटी के सम्बंध पर भी प्रतिकूल असर पड़ता दिख रहा है। बताते चलें कि नेपाल की बेटियां जहां भारतीय क्षेत्र वही भारतीय क्षेत्र की बेटियां नेपाल की बहुएं बनती है वही सीमावर्ती क्षेत्रों में बहुत सारी रिश्तेदारिया भी है जहां शादी आदि समारोह में लोगो का आना जाना लगा रहता है। सीमा सील होने के कारण मुख्य मार्ग से आवागमन बाधित है वही पगडंडियों के सहारे दरकते रिश्ते को निभाया जा रहा है। दूर दराज से आने वाले लोग बिना साधन सवारी पैदल ही पगडंडियों के सहारे आ जा रहे है। आगामी माह में भाई बहनों का सबसे बड़ा त्योहार रक्षा बंधन आने वाला है जिसको लेकर सीमावर्ती क्षेत्र के भाई बहनों में निराशा देखी जा रही है। लोगो का कहना है कि भारत नेपाल दोनों ही सरकार सीमा को खोलने के लिए गंभीरता से पहल करें। जिससे रिश्तों में आ रही खटास में मिठास आ जाय।





