सफर नवाबों का शहर कहां जाने वाला लखनऊ की
सफर नवाबों का शहर कहां जाने वाला लखनऊ की
इस समय हम सफर नवाबों के शहर लखनऊ की कर रहे है। भारत नेपाल सीमा सोनौली से लेकर लखनऊ के हजरतगंज की गलियों का चक्कर काटते हुए शहर लखनऊ के कई स्थानो का नजारा भी लिया और आनंद भी। चिलचिलाती धूप से लेकर बिजली की रोशनी में नहाए पूरे शहर को भी देखा।
लखनऊ की इस यात्रा के दौरान जो कुछ भी हुआ उसका हम आप सभी मित्रों के साथ शेयर करेंगे, और यह बताने का प्रयास करेंगे कि अगर आप लखनऊ जाए तो यात्रा के दौरान किस तरह की सावधानियां अवश्य बरते क्या डाक्यूमेंट्स आपके पास आवश्यक होने चाहिए।
तो अभी हम बात करते हैं सोनौली से अगर आपको लखनऊ जाना है तो सबसे पहले आप सहज रूप से ट्रेन की यात्रा पसंद करेंगे, क्योंकि ट्रेन की यात्रा काफी सुखद और आरामदायक है।
अगर लखनऊ में आपका दिन में कार्य है तो आप सोनौली से रात्रि 9:00 बजे अब्बासी ट्रेवल्स की बस पकड़ कर फरेंदा पहुंचे। फरेंदा रेलवे स्टेशन ट्रेन पकड़ने के कई फायदे हैं पहली बात तो आप भीड़भाड़ से बचेंगे और दूसरी बात यहां ट्रेन में चढ़ने को लेकर धक्का-मुक्की नहीं है।
हालांकि इसके पहले आपको रिजर्वेशन कराना आवश्यक होगा। रिजर्वेशन के लिए इस समय मालानी एक्सप्रेस जो गोरखपुर से चलकर लखनऊ जाती है उसमें आपको हर समय रिजर्वेशन सहजता से मिल सकता है। सप्ताह भर के अंदर रिजर्वेशन किसी भी श्रेणी का उपलब्ध हो सकता है। यह ट्रेन 11:30 बजे रात फरेंदा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर आएगी। जहां से आप इस ट्रेन में अपने रिजर्वेशन के श्रेणी के अनुसार ट्रेन में सवार हो सकते हैं। इस ट्रेन में जनरल कोच पीछे की तरफ लगता है जबकि एसी थ्री टायर एसी इंजन से सटे अक्सर लगे होते हैं। यह ट्रेन सुबह करीब 6:00 बजे आपको लखनऊ गोमती नगर रेलवे स्टेशन पर उतार देगी। वहां से आप तत्काल टेंपू पकड़ कर शहर के किसी भी कोने में जा सकते हैं। हां इतना अवश्य है के रेलवे स्टेशन के बाहर खड़े टेंपो ऑटो वाले आप से मनमानी किराया मांगते हैं। लेकिन यह भी बता दे आपको कि शहर के किसी भी कोने में जाने के लिए अधिकतम किराया ₹200 तक हो सकता है।
हम सभी मलानी एक्सप्रेस से लखनऊ के गोमती नगर रेलवे स्टेशन पर उतर कर वहां से टेंपू पकड़ कर
हजरतगंज के पास स्थित एक होटल में गाए। होटल के बाहर दो व्यक्ति मिले जिन्होंने होटल दिखाया रेट तो पूछिए मत लेकिन ऐसी कमरे की कीमत मात्र ₹900 मैं हमने दो कमरे लिए यहां सबसे बड़ी विडंबना यह है कि आप जिस समय कमरे में एंट्री करेंगे उसी समय आपको चेक आउट करना होगा। जबकि ऐसा कहीं नहीं है।जबकि डिपार्चर का समय 11:30 बजे होता है। लेकिन जहां मैं जिस होटल में ठहरा वहां चेक-आउट सुबह 8:00 बजे हो गया। हालांकि मैं एक बात तो आपको बताना भूल ही गया कि मैं अपनी बेटी का कोचिंग के हेतु एडमिशन कराने लखनऊ गया था। लखनऊ में प्रशांत पाठक कोचिंग सेंटर में उसका एडमिशन कराया और फिर शुरू किया हॉस्टल ओर पीजी की तलाश, काफी मशक्कत के बाद एक पीजी मिली जो नरहरी में स्थित है। पीजी का रेट भी आसमान छू रहे है । फिलहाल बच्चों के ठहरने के लिए पीजी की व्यवस्था भोजन की व्यवस्था कर मैं वापस लखनऊ सोनौली आया। मैं आपको यह सब इसलिए बता रहा हूं अगर आप भी कभी लखनऊ जाएं तो भटकने की जरूरत नहीं है। अगर सस्ता होटल चाहते हैं तो लखनऊ के नाका हिंडोला पर धर्मशाला है ।वहां बहुत कम पैसे में होटल ले सकते हैं और कई दिनों तक रह सकते हैं। होटल लेने के लिए या कहीं भी ठहरने के लिए आपके पास आधार कार्ड होना आवश्यक है । इसलिए घर छोड़ते समय अपने साथ आधार कार्ड अवश्य रखें यात्रा सुरक्षित करें।
गुड्डू जायसवाल सोनौली।





