लड़की ने गाया ऐसा गाना, जिसमें गालियों की कर दी भरमार
आपके गाने में दारू पीने को लेकर भी बात हुई है, क्या तनाव में दारू पीना सही है? इस पर र्स्टेला कहती हैं कि नहीं, इसमें सिर्फ एक पल के लिए खुद को रिलेक्स करने की बात कही गई है। ऐसे में सिर्फ एक दिन जब वह तनाव से दूर होना चाहती है तो वह सारे सामाजिक बंधनों से आजाद होकर थोड़ी सी पीने लगती है।
र्स्टेला ने कहा कि उन्होंने गाना अपनी दादी से सीखा। घर में दादी और पिता जी संगीत से जुड़े थे। पिता जी की मृत्यु के बाद उनका संगीत से साथ छूट गया। ऐसे में वह मॉडलिंग से जुड़ गई। लेकिन दस साल के अंतराल के बाद फिर से गायकी से जुड़ी। र्स्टेला ने कहा कि वह जल्द ही अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ कॉलेबोरेट कर रही हैं। लड़की ने गाया ऐसा गाना, जिसमें गालियों की कर दी भरमार
एक गाना गाया है, जो इन दिनों ऑनलाइन सुना जा रहा है। जिसका टाइटल ऐसा है कि हम लिख भी नहीं सकते। इस गाने को र्स्टेला गुड़गांव से हैं और चंडीगढ़ इसी गीत की चर्चा के लिए पहुंची। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने कहा कि आज के युग में कुछ छिपा नहीं है। युवा पीढ़ी खुलेआम ऐसे शब्दों का प्रयोग करते हैं जो आपत्तिजनक होते हैं। ऐसे में मैं अपने गाने को युवाओं से ही जोड़ना चाहती थी।
र्स्टेला रोज द्वारा गाए गए इस गाने को यू-ट्यूब पर 31 लाख बार देखा जा चुका है। लड़कियां क्या गालियां देकर ही आजादी दिखा सकती है?
इस पर र्स्टेला ने कहा कि नहीं, लेकिन गाने में हालात ऐसे हैं कि वह लड़की गालियां देकर ही खुद को उस तनाव से दूर करती है। आपके गाने में दारू पीने को लेकर भी बात हुई है, क्या तनाव में दारू पीना सही है? इस पर र्स्टेला कहती हैं कि नहीं, इसमें सिर्फ एक पल के लिए खुद को रिलेक्स करने की बात कही गई है। ऐसे में सिर्फ एक दिन जब वह तनाव से दूर होना चाहती है तो वह सारे सामाजिक बंधनों से आजाद होकर थोड़ी सी पीने लगती है।
र्स्टेला ने कहा कि उन्होंने गाना अपनी दादी से सीखा। घर में दादी और पिता जी संगीत से जुड़े थे। पिता जी की मृत्यु के बाद उनका संगीत से साथ छूट गया। ऐसे में वह मॉडलिंग से जुड़ गई। लेकिन दस साल के अंतराल के बाद फिर से गायकी से जुड़ी। र्स्टेला ने कहा कि वह जल्द ही अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ कॉलेबोरेट कर रही हैं।





