नेपाल-भारत बॉर्डर पर तस्करी और वसूली को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म, तस्करों का खुलासा
नेपाल-भारत बॉर्डर पर तस्करी और वसूली को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म, तस्करों का खुलासा
आई एन न्यूज, सोनौली डेस्क:
नेपाल-भारत सीमा पर तस्करी और वसूली को लेकर विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। बॉर्डर पर अपराध नियंत्रण और सूचनाएं एकत्र करने के लिए तैनात पुलिस अधिकारियों पर अक्सर ऐसे आरोप लगते रहे हैं। इस बार चर्चा में है बेलहिया, रूपनदेही क्षेत्रीय पुलिस कार्यालय में तैनात एक पुलिस कांस्टेबल, जिन पर तस्करों के साथ सांठगांठ और अवैध वसूली का आरोप है।
तस्करों से गठजोड़ का आरोप
सोनौली बॉर्डर से सटी नेपाली सीमा के इस कांस्टेबल पर मछली, सौंदर्य प्रसाधन, कपड़े और हार्डवेयर जैसे सामानों की तस्करी में तस्करों की मदद करने का आरोप है। भारतीय मछली तस्कर पवन के साथ उनकी गहरी मिलीभगत बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, इस गठजोड़ से वह हर महीने ₹1 लाख तक की अवैध कमाई कर रहे हैं।
तस्करों के नामों का खुलासा
कांस्टेबल का नाम भारतीय तस्करों पवन, सुनील और मन्नू यादव के साथ जोड़ा जा रहा है। ये तस्कर भारत से सामान लाकर भैरहवा, बुटवल और अन्य नेपाली बाजारों में बेचते हैं। इतना ही नहीं, पप्पू और जमाल नामक अन्य तस्करों के जरिए कपड़े, हार्डवेयर और सौंदर्य प्रसाधनों की तस्करी का काम कांस्टेबल की निगरानी में होता है। आरोप है कि भारतीय व्यापारियों से भी वह हर माह मोटी रकम वसूलते हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों तक धन पहुंचाने के आरोप
सूत्रों के अनुसार, कांस्टेबल द्वारा वसूला गया धन उनके वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचता है। दशैं और अन्य त्योहारों के दौरान उन्होंने कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों के लिए मिठाई और महंगे उपहार भिजवाए।
पुलिस विभाग का बयान
बेलहिया क्षेत्रीय पुलिस कार्यालय के प्रभारी मुकेश नेउपाने ने कहा, “अगर कांस्टेबल ने कुछ गलत किया है, तो सच्चाई सामने लाई जाएगी। सूचना एकत्र करने के नाम पर किसी भी गलत गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस की छवि पर सवाल
तस्करी और वसूली के इन आरोपों ने पुलिस विभाग की पवित्रता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे मामलों से आम जनता का कानून-व्यवस्था पर विश्वास कमजोर हो रहा है। क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
रिपोर्ट: रूपनदेही, नेपाल।





