बचपन स्कूल नौतनवा में स्वतंत्रता दिवस एवं जन्माष्टमी का प्री-सेलिब्रेशन संपन्न
बचपन स्कूल नौतनवा में स्वतंत्रता दिवस एवं जन्माष्टमी का प्री-सेलिब्रेशन संपन्न, बच्चों ने सीखी देशभक्ति और संस्कृति की सीख।
आई एन न्यूज नौतनवा डेस्क:
नौतनवा स्थित बचपन ए प्ले स्कूल में आज स्वतंत्रता दिवस एवं जन्माष्टमी का प्री-सेलिब्रेशन धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में बच्चों को दोनों पर्वों के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। बच्चों ने स्वतंत्रता शब्द का अर्थ, आज़ादी का महत्व और देशभक्ति की भावना को समझा। उन्हें कई महान देशभक्तों के नाम और चित्रों से परिचित कराया गया तथा बताया गया कि 15 अगस्त हमारा राष्ट्रीय पर्व है, जिसे हर वर्ष हम आज़ादी के दिन के रूप में मनाते हैं। बच्चों का परिचय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे से कराया गया और उसके तीनों रंगों के मायने समझाए गए। इस अवसर पर नन्हे बच्चे तिरंगे के रंगों में रंगे अपनी देशभक्ति प्रदर्शित कर रहे थे।
जन्माष्टमी के प्री-सेलिब्रेशन में बच्चों ने “हैप्पी बर्थडे लल्ला जी” कहकर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया। सभी ने श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित फिल्म देखकर उनके बारे में विस्तार से जाना। बच्चों को माखन, मुरली, गोपी, बांसुरी, देवकी, यशोदा, नंदबाबा, वासुदेव, सुदामा, गाय आदि शब्दों से परिचित कराया गया। भगवान के विभिन्न नाम जैसे कान्हा, माधव, गोविंद, माखनचोर, मुरलीधर, देवकीनंदन, लल्ला, केशव, हरी, गोपाल आदि भी बच्चों को बताए गए और उनके अर्थ समझाए गए। नन्हे कान्हा के रूप में सजे बच्चे सभी का मन मोह रहे थे।
डायरेक्टर अंजलि ने सभी को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “हमारी आज़ादी हमें सबसे प्यारी है और हम सभी अपने देश के प्रति सदैव निष्ठावान रहेंगे। हमारा देश हमारी शान है और हमें गर्व है कि हम भारतीय हैं।” उन्होंने श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेते हुए कहा कि हमें हर परिस्थिति में अपना कर्म पूरी ईमानदारी से करना चाहिए।
इस मौके पर बच्चों में रियान, अनाया, अनन्या, इशविका, सूर्यांश, मृदुल, मिष्टी, हमज़ा, आयत, इमरान, अद्विक, आशुतोष, सौम्या, सौरभ, अनिका, तृषा, प्रिशा, सार्थक, सृष्टि, किरनप्रीत, रुद्रांश, ज्ञानलक्ष्मी आदि उपस्थित रहे।
टीचर्स में वैष्णवी, कृतिका, अंशिका, प्रियंका, अंजली, ईशा, मनिता, प्रीती, हर्षिता, श्रद्धा और रिंकल शामिल थीं।
डायरेक्टर अंजलि ने कहा कि इस तरह के आयोजन से बच्चे दर्शनज्ञान के माध्यम से आसानी से सीखते और समझते हैं। इससे वे अपने देश, धर्म और संस्कृति से जुड़ते हैं और उनका सर्वांगीण विकास होता है।
महाराजगंज –उत्तर प्रदेश।





