मृतक लव कुमार पटवा का मामला: नौतनवा अध्यक्ष ने की आर्थिक मदद, विधायक ने ब्रह्म भोज की जिम्मेदारी उठाई
मृतक लव कुमार पटवा का मामला: नौतनवा अध्यक्ष बृजेश मणि त्रिपाठी ने की आर्थिक मदद, विधायक ने ब्रह्म भोज की जिम्मेदारी उठाई

आई एन न्यूज नौतनवा डेस्क:
तीन दिन पूर्व लंबी बीमारी के बाद स्वर्गवासी हुए लव कुमार पटवा के परिवार की व्यथा को जब नगरवासियों ने सोशल मीडिया पर देखा तो मानवीय संवेदनाएं जाग उठीं। नौतनवा नगर अध्यक्ष बृजेश मणि त्रिपाठी मृतक के राजेंद्र नगर स्थित आवास पर पहुंचे और परिजनों से मिलकर उन्हें ढाढ़स बंधाया। उन्होंने मृतक के दोनों बेटों — 14 वर्षीय राजवीर और 10 वर्षीय देवराज — से मुलाकात कर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया तथा मौके पर ही नगद आर्थिक सहायता भी प्रदान की।
बृजेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि नौतनवा विधायक ऋषि त्रिपाठी ने भी यह निर्देश दिया है कि स्वर्गीय लव कुमार पटवा का ब्रह्म भोज की संपूर्ण जिम्मेदारी वे स्वयं उठाएंगे। इस भोज में आने वाला समस्त खर्च विधायक ऋषि त्रिपाठी और नगर अध्यक्ष बृजेश मणि त्रिपाठी मिलकर वहन करेंगे।
बातचीत के दौरान श्री त्रिपाठी ने कहा,
“मैं नगर में पिछले कई वर्षों से किसी भी असहाय, लाचार, निर्धन व्यक्ति की अंतिम संस्कार से जुड़ी सभी आवश्यकताओं — जैसे लकड़ी और अन्य सामग्री — की व्यवस्था स्वयं अपने खर्चे से करता रहा हूं। और आज भी कर रहा हूं। हमने कभी इस सहायता का ढिंढोरा नहीं पीटा, लेकिन जब भी किसी को ज़रूरत पड़ी, चाहे वह मेरे पास आए या मुझे किसी माध्यम से जानकारी मिली, मैं उनके घर तक गया और हरसंभव सहयोग किया।
बताया गया कि स्वर्गीय लव कुमार पटवा की तबीयत पिछले काफी समय से खराब चल रही थी। निधन के बाद उनके बच्चे — 14 वर्षीय राजवीर और 10 वर्षीय देवराज — अपने पिता की अंत्येष्टि को छोटा बेटा देवराज स्वयं पिता का शव एक शोक ठेले पर रखकर अंतिम संस्कार के लिए निकल पड़ा। स्थानीय लोगों की थोड़ी-बहुत मदद से अंत्येष्टि संपन्न हो सकी।
यह दृश्य जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो नगरवासियों में भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। स्थानीय प्रशासन में एसडीएम, तहसीलदार और अधिशासी अधिकारी नौतनवा संदीप कुमार सरोज आज पहुंच कर उसे राशन सहित अन्य सामग्री दिया और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि सक्रिय हुए। इसी क्रम में नगर अध्यक्ष बृजेश मणि त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को हर तरह की सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। और यह भी कहा कि जिन व्यक्तियो ने भी इन बच्चों की मदद की उनकी हम प्रशंसा करते हैं लेकिन यह भी कहना चाहते हैं कि सहयोग कर डिढौरा पीटना ठीक नहीं है।
महाराजगंज– उत्तर प्रदेश।





