9 साल की सजा काट रहा उमर उर्फ पवन नेपाल की जेल से भागा, फिर खुद लौटा – जानिए उसकी जुबानी पूरी कहानी

9 साल की सजा काट रहा उमर उर्फ पवन नेपाल की जेल से भागा, फिर खुद लौटा – जानिए उसकी जुबानी पूरी कहानी

9 साल की सजा काट रहा उमर उर्फ पवन नेपाल की जेल से भागा, फिर खुद लौटा – जानिए उसकी जुबानी पूरी कहानी

आई एन न्यूज सोनौली डेस्क:
वार्ड नंबर 13, बिस्मिल नगर, सोनौली नगर पंचायत निवासी पवन साहनी पुत्र शिवबन साहनी की ज़िंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। अपहरण के आरोप में नेपाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जहां अदालत ने उसे 9 वर्षों की सजा सुनाई। वर्षों तक नेपाल की जेल में सजा काटने के बाद, जब (जेनजी आंदोलन) के चलते नेपाल की कई जेलों में बगावत हुई और करीब 11,000 कैदी फरार हो गए, तो उन्हीं में एक नाम मोहम्मद उमर शेख उर्फ पवन का भी जुड़ गया।
मोहम्मद उमर नेपाल की जेल से भाग निकला और सीधे अपने घर सोनौली लौट आया। करीब चार दिनों तक वह अपने परिवार के साथ रहा। लेकिन इन चार दिनों ने उसके मन में ऐसी हलचल मचाई कि उसने एक ऐसा फैसला ले लिया, जिसकी उम्मीद शायद किसी को नहीं थी।
चार दिन बाद मोहम्मद उमर उर्फ पवन खुद नेपाल की उसी जेल में लौट गया, जहां से वह भागा था। वह अब अपनी बची हुई सजा को पूरा करने के लिए फिर से जेल चला गया।
 मोहम्मद उमर उर्फ पवन की जुबानी उसकी कहानी:
“मुझे नेपाल पुलिस ने अपहरण के आरोप में पकड़ा था। मैं निर्दोष था, लेकिन अदालत ने मुझे दोषी करार देकर 9 साल की सजा सुना दी। मैंने सालों तक जेल में दिन काटे। जब जेल में आंदोलन हुआ, तो अफरातफरी में सैकड़ों कैदी भाग निकले। मैं भी बाहर आ गया और सीधे भारत, अपने घर सोनौली पहुंचा।”
“घर आकर मां-बाप पत्नी और बच्चों से मिला, परिवार से गले लगा। लेकिन मन में चैन नहीं था। हर पल यह बात सालती रही कि मैं भागा हुआ कैदी हूं। मैंने खुद तय किया कि जो भी है, अब जो भी समय बचा है, उसे पूरा करूंगा। मैं खुद से हार गया था, लेकिन कानून से नहीं भाग सकता। इसलिए चार दिन बाद खुद नेपाल की जेल लौट गया।”
पुलिस और प्रशासन भी हैरान:
नेपाल प्रशासन के अनुसार, मोहम्मद उमर का खुद लौटकर जेल में आना एक दुर्लभ मामला है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश कैदी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है, लेकिन उमर  जैसे मामलों ने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हर कैदी एक जैसा नहीं होता।
क्या था जेनजी आंदोलन?
नेपाल की विभिन्न जेलों में हाल ही में एक आंदोलन हुआ था, जिसे जेनजी आंदोलन कहा जा रहा है। इसमें कैदियों ने जेल प्रशासन के खिलाफ बगावत की और बड़ी संख्या में कैदी फरार हो गए। यह नेपाल की जेल व्यवस्था में अब तक की सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
सोनौली, बिस्मिल नगर में चर्चा का विषय:
उमर उर्फ पवन की यह कहानी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। कुछ लोग उसे बहादुरी और सच्चाई की मिसाल मान रहे हैं, तो कुछ यह सवाल भी उठा रहे हैं कि अगर वह निर्दोष था, तो उसे सजा क्यों मिली?
उमर की यह कहानी न सिर्फ एक व्यक्ति की आत्मस्वीकृति और साहस का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कानून से भागना आसान हो सकता है, लेकिन उससे आंख मिलाना सबसे बड़ी चुनौती होती है। उमर ने यह कर दिखाया।
बता दे की उमर पहले हिंदू था जिसका नाम पवन था फिर बाद में मुंबई जाकर वह मुस्लिम बन गया और अपना नाम मोहम्मद उमर शेख रख लिया। पत्नी और बच्चे मुस्लिम है बाकि पूरा परिवार आज भी हिंदू है।

 महाराजगंज– उत्तर प्रदेश।

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