मुख्यमंत्री को संबोधित 6 सूत्री मांग पत्र समाज सुधारक रमाकांती त्रिपाठी ने एसडीएम को सौपा
मुख्यमंत्री को संबोधित 6 सूत्री मांग पत्र समाज सुधारक रमाकांती त्रिपाठी ने एसडीएम को सौपा
आई एन न्यूज नौतनवा डेस्क:
रमाकांती त्रिपाठी, एडवोकेट एवं समाज सुधारक ने शनिवार को नौतनवा तहसील पहुंचकर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित छह सूत्रीय मांग पत्र उपजिलाधिकारी नौतनवा को सौंपा। मांग पत्र में उन्होंने नौतनवा क्षेत्र के विद्युत विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है और “जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन” के दावे के बावजूद आम जनता का खुलेआम शोषण किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली उपभोक्ताओं को फर्जी और मनमाने बिल भेजे जा रहे हैं। मात्र 200 यूनिट की खपत पर 8 हजार रुपये तक के बिल थमाए जा रहे हैं। बिल संशोधन के नाम पर उपभोक्ताओं से 1 हजार से 3 हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है।
मांग पत्र में कहा गया कि नया बिजली कनेक्शन देने के लिए भी भारी रिश्वत ली जा रही है। बिना पैसे दिए महीनों तक फाइलें लंबित रखी जाती हैं।
उन्होंने ट्रांसफार्मर बदलने में भी खुलकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन 14 से 16 घंटे की अघोषित बिजली कटौती आम बात बन चुकी है।
रमाकांती त्रिपाठी ने महिलाओं और बुजुर्गों के उत्पीड़न का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिल जमा होने के बावजूद कनेक्शन काट दिए जाते हैं और शिकायत करने पर गाली-गलौज तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है।
मांग पत्र में उन्होंने पूरे मामले की एसआईटी या विजिलेंस जांच कराकर दोषी जेई, एसडीओ और लाइनमैन को तत्काल निलंबित करने, पिछले दो वर्षों के विवादित बिजली बिलों की न्यायिक जांच कराने, नौतनवा में भ्रष्टाचार मुक्त स्मार्ट बिजली केंद्र स्थापित कर 30 दिनों के भीतर सभी लंबित कनेक्शन जारी करने, प्रत्येक उपकेंद्र पर सीसीटीवी कैमरा एवं हेल्पलाइन 1912 का बोर्ड लगाने, करंट से मृत लोगों के आश्रितों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने तथा दोषी कर्मचारियों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। साथ ही उन्होंने भ्रष्ट और दलाल तंत्र को समाप्त करने की भी मांग उठाई।
महाराजगंज— उत्तर प्रदेश।



