पटना हाइकोर्ट का बड़ा फैसला: अब फिर से मिल सकेगी शराब
पटना हाइकोर्ट का बड़ा फैसला: अब फिर से मिल सकेगी शराब
आईएन न्यूज ब्यूरो। बिहार में नीतिश कुमार की सरकार को गहरा झटका लगा है। पटना हाइकोर्ट ने बिहार में शराबबंदी के फैसले को गलत कहा है बिहार में अब शराब फिर से बिक सकेगी।
पटना हाइकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि राज्य में शराबबंदी पर रोक हटाई जानी चाहिए। कोर्ट के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए जेडीयू ने कहा कि इस फैसले की कॉपी पढ़ने के बाद ही हम कोई प्रतिक्रिया देंगे।
पटना हाइकोर्ट ने एक शुक्रवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए बिहार में चल रही शराबबंदी के कानून को रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद अब यहां शराब फिर से मिल सकेगी।
इस फैसले को नीतिश कुमार के लिए एक बड़े झटके से जोड़कर देखा जा रहा है। नीतिश कुमार ने शराबबंदी के इस फैसले को सरकर के बड़े फैसले के रुप में पेश किया था।
एक अप्रैल से बिहार में शराबबंदी लागू की गई थी। यह कानून बेहद कड़ा बनाया गया था। नीतिश कुमार इस एजेंडे को बिहार के साथ दूसरे राज्यों में भी लेकर जा रहे थे।
पटना हाइकोर्ट ने साफ किया कि शराब पीने और घर में रखना किसी भी तरह की सजा के दायरे में नहीं आता।
बिहार में शराब पीना हुआ था अपराध
बिहार में सरकार बनने के बाद नीतिश कुमार ने अप्रैल के पहले सप्ताह में बिहार में शराबबंदी की बात की थी। 6 अप्रैल 2016 को प्रेस कांफ्रेंस में नीतिश कुमार ने इस बात की घोषणा की थी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया था कि बिहार में आज से तत्काल प्रभाव से विदेशी शराब की खरीद और बिक्री पर पाबंदी कर दी गई है। मालूम हो कि देशी शराब की खरीद और बिक्री पर पहले ही पाबंदी लगा दी गई थी। इस फैसले के बाद से बिहार में किसी भी तरह की शराब की बिक्री पूर्णत: बंद हो गई थी।
नीतीश कुमार ने कहा था कि शराब पीने, बेचने और व्यापार करने पर पाबंदी लगा दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से कोई भी होटल और बार में शराब नहीं परोसी जाएगी और ना ही किसी को लाइसेंस दिया जाएगा। गौर हो कि इस फैसले के बाद बिहार अब देश का चौथा राज्य हो गया है कि जहां शराब बेचना और खरीदना पूरी तरह से बंद है। गुजरात, नागालैंड और मिजोरम में इस तरह का कानून पहले से ही लागू है।





