भक्तो के प्रेम वश भगवान लेते है अवतार
संवाददाता- रामकिशुन कुमार
इंडो नेपाल न्यूज ब्यूरो फरेन्दा::एलबीएस इंटर कॉलेज के नजदीक स्थित एक मैरिज हाल में आयोजित श्री राम कथा के दूसरे दिन श्री राम कथा प्रवक्ता आचार्य पंडित श्याम किंकर मिश्र महाराज ने कहा भगवान का इस धराधाम पर प्राकट्य केवल असुरों के विनाश के लिए नहीं होता यह कार्य भगवान केवल संकल्प मात्र से कर सकते हैं.प्रभु का अवतरण केवल अपने प्रिय भक्तों और संतों के दर्शनार्थ होता है. भक्तों की प्रेम के वशीभूत होकर भगवान निर्गुण निराकार से सगुण साकार बन जाते हैं कथावाचक पंडित श्याम शंकर मिश्र ने इस संबंध में मनु शतरूपा की कथा सुनाते हुए कहा कि नैमिषारण्य में मनु और शतरूपा ने कठोर तप किया और भगवान के दर्शन देने पर मनु जी महाराज ने भगवान को ही पुत्र के रूप में पाने की इच्छा जताई ‘ चाहऊं तुम्हहिं समान सुत प्रभु सन कवन दुराव’ भगवान ने कहा कि हम अपने जैसा कहां से लाएं हम स्वयं ही तुम्हारे पुत्र के रूप में प्रकट होंगे. संसार के लोगों से हमारा केवल एक ही संबंध होता है जैसे पिता को भाई या माता को बहन नही कह सकते.परंतु भगवान से हमारे अनेक संबंध होते हैं. भगवान माता पिता गुरु भाई बंधु पुत्र सब बनने को तैयार हैं बस जरूरत है कि हम उनके साथ कोई एक सच्चा संबंध बना लें.भगवान से प्रेम करके अपना रागी बना लें तो भगवान संबंधों को अवश्य निभाते हैं.








































