नेपाल:पाच करोड़ पुराने भारतीय नोट के साथ दो गिरफ्तार पूछताछ जारी
नेपाल:पाच करोड़ पुराने भारतीय मुद्रा के साथ दो गिरफ्तार पूछताछ जारी
सोनौली बार्डर से जुड़ा है प्रतिबंधित भारतीय मुद्राओं के खपाने वाले गिरोह का तार
इंडो नेपाल न्यूज ब्यूरो सोनौली: नेपाल के महानगरीय पुलिस काठमांडू ने लगभग पाच करोड ( पुराने) भारतीय मद्रा के साथ दो व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया है जिसे नेपाल के बैंकों के माध्यम से खपाने की योजना थी । पकड़े गए व्यक्तियों से पूछताछ जारी है।
गुरुवार को नेपाल की राजधानी काठमांडू में बरामद मुद्रा नेपाल पुलिस के विशेष सूचना के आधार पर हाथ लगा है।
पुलिस का कहना है कि नोट अन्य देशो से नेपाल लाया गया है और अब उसे बैको के माध्यम से खपाने की योजना बन रही थी ।
गिरफ्तार होने वालों दोनो व्यक्ति मोरङ कटहरी गांव पालिका–3 के निवासी 53 वर्षीय सुनील देव वैश्य और नुवाकोट शिवपुरी गांव पालिका–5 के 50 वर्षीय चेत बहादुर नेपाली हैं ।
दोनो के पास से भारत में प्रतिबंधित एक हजार और पाच सौ के पुराने मुद्रा बरामद किए गए हैं।
सूत्र बताते हैं कि पकड़े गए दोनों व्यक्ति पुराने भारतीय मुद्रा को भारत समेत अन्य देशों से लाकर यहा एकत्रित किया और बैंकों के माध्यम से उसे खपाने की योजना थी । किन्तु पुलिस के सक्रियता से दबोच लिया गया ।
हालांकि पकड़े गए दोनों व्यक्तियों से नेपाल पुलिस अभी पूछताछ में जुटी हुई है । इस पूछताछ में भारतीय प्रतिबंधित मुद्राओं को खपाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है।
बताया गया है कि भारतीय मुद्राओं को खपाने वाले उक्त गैंग के सदस्यों का तार सोनौली बॉर्डर से भी जुड़ा हुआ है भैरहवा में इनका एक बड़ा नेटवर्क कार्य कर रहा है।
जाली नोट बनी समस्या
नेपाल में जमा प्रतिबंधित नोटों को भारत से बदलने में एक समस्या नेपाल में व्यापक पैमाने पर चलने वाले जाली नोट भी हैं। रिजर्व बैंक के अधिकारियों की मानें नेपाल से आने वाले रुपयों में पता लगाना बड़ा मुश्किल है कि कौन से नोट सही हैं और कौन नकली।
प्रतिबंधित नोटों को रखने की अनुमति नहीं
नेपाल में रुपनदेही के डीएसपी दिल्ली नारायण पांडेय ने बताया, भारत में नोटबंदी के बाद से ही विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जांच पड़ताल के बाद ही लोगों को नेपाल में प्रवेश की अनुमति दी जाती है। सीमा पर सक्रिय मनी एक्सचेंजरों पर विशेष नजर है। किसी को भी प्रतिबंधित नोटों को रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि इस तरह का मामला संज्ञान में आया तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।






