देवरिया प्रकरण में हटाये गये जिलाधिकारी, पूर्व डीपीओ निलम्बित

देवरिया प्रकरण में हटाये गये जिलाधिकारी, पूर्व डीपीओ निलम्बित

देवरिया प्रकरण में हटाये गये जिलाधिकारी, पूर्व डीपीओ निलम्बितआई एन न्यूज लखनऊ ब्यूरो। प्रदेश के देवरिया जनपद में बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम जैसा घिनौना काण्ड सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रूख अपनाया है। मामले में बड़ी लापरवाही पर देवरिया के जिलाधिकारी को हटा दिया गया है, पूर्व डीपीओ को निलम्बित करने के साथ दो अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही मामले की जांच को दो सदस्यीय कमेटी बनायी गई है, जो देवरिया रवाना हो गई है और अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी।

इस सम्बन्ध में परिवार कल्याण मंत्री रीता जोशी ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि पूरे मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर देवरिया के जिलाधिकारी सुजीत कुमार को हटा दिया गया है। वहीं पूर्व डीपीओ अभिषेक पाण्डेय को निलम्बित कर दिया गया है। इस अधिकारी के समय में संरक्षण गृह में अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। वहीं मामले में अतिरिक्त कार्यभार संभालने वाले दो अधिकारियों नीरज कुमार और अनूप सिंह के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जा रही है।

जोशी ने बताया कि दो सदस्यीय जांच कमेटी में अपर मुख्य सचिव महिला एवं बाल रेणुका कुमार और महिला परिवार कल्याण की एडीजी लॉ एण्ड आर्डर अंजू गुप्ता को हवाई मार्ग से भेजा गया है। ये दोनों अधिकारी आज देवरियां में रुकेंगी और पीडि़त लड़कियों से बातचीत करेंगी। उनके बयान के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री को सौंपी जायेगी, जिसके बाद जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। इसके साथ ही सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री के बीती तीन अगस्त को भेजे पत्र का हवाला देते हुए इस सम्बन्ध में उठाये कदमों की जानकारी 12 घण्टे के अन्दर बताने को कहा गया है।

देवरिया स्थित मां विंध्यवासिनी देवी समाज सेवा एवं प्रशिक्षण संस्थान के बालिका संरक्षण गृह में भी बिहार के मुजफ्फरपुर जैसा घिनौना कांड दोहराया गया है। ये खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन अगस्त को ही सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को आदेश जारी किया था। इसमें बाल गृह तथा महिला संरक्षण गृह का व्यापक निरीक्षण कर मिलने वाली खामियों को दूर करने को कहा गया था। मुख्यमंत्री ने साफ कहा था कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।

इसके बावजूद देवरिया के जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने मुख्यमंत्री के आदेश का पालन नहीं किया। उनके जनपद में भी मुजफ्फरपुर शेल्टर होम की तरह ही बालिका संरक्षण गृह से देह व्यापार कराने के आरोप लगे हैं। इसकी शिकायत रविवार की देर रात एक दस वर्षीय बालिका ने पुलिस से की। इसके बाद पुलिस ने आनन-फानन में संरक्षण गृह संचालिका गिरिजा त्रिपाठी और उसके पति मोहन त्रिपाठी को हिरासत में लेकर 24 लड़कियों को मुक्त कराते हुए अपनी कस्टडी में ले लिया, जबकि 18 लड़कियों का अब तक कुछ नहीं पता चला है।देवरिया प्रकरण में हटाये गये जिलाधिकारी, पूर्व डीपीओ निलम्बित

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