“कैसीनों-ट्रैप” से चल रही भारतीयों को तबाह करने की साजिश
“कैसीनों-ट्रैप” से चल रही भारतीयों को तबाह करने की साजिश
विशेष संवाददाता-धर्मेंद्र चौधरी की एक रिपोर्ट
इंडो नेपाल न्यूज ब्यूरो नेपाल: जुआ खेलने के तमाम संशाधन, शराब परोसती आकर्षक युवतियां, सिगरेट़ के धुआं के गुब़ारे, गीत संगीत के बीच थिरकती बार बालाएं, ट़ेबल पर सजी हजार से लाखों रुपये मूल्य तक के बनाए गये सिक्क़ों के ढ़ेर। ऐसा सजा सज़ाया माहौल एक हाल में परोसा जा रहा। ग्राहक हैं भारतीय नागरिक ।
नेपाल के भैरहवा व काठमांडू में कुल मिलाकर 8-10 स्थानों ऐसी बिसात बिछ़ाई गई है। जिसकी संख्या वर्ष दर वर्ष बढ़ती जा रही है। ये हैं कैसीनों (जुआघर)। ग्राहकों का तांता भी लगातार बढ़ रहा है। भारत के मध्यमवर्गीय परिवार से लगाये संपन्न परिवार के लोग, कई सफेदपोश व उद्योगपतियों के घराने के लोगों का कैसीनों में जाना बढ़ गया है।
नेपाल की एक संस्था सर्वे के अनुसार नेपाल के कैसीनों में प्रतिदिन औसतन कुल 7500 भारतीय जाते हैं। प्रति व्यक्ति औसतन करीब 10 हजार रुपया गवां कर आता है। इस तरह प्रतिदिन कुल 75 लाख रुपये कैसीनों संचालकों के खाते में जा रहे हैं। इस आधार पर भारतीय नागरिक वर्ष का करीब 900 लाख रुपया कैसीनों के चौख़ट की भेंट़ चढ़ा कर आ रहे हैं। यह तो सामान्य दिखने वाली चीज़ नज़र आ रही है। अब कैसीनों की आड़ में पर्दे के पीछ़े हो रहे कार्यों पर नज़र ड़ालें तो हवाला कारोबार व देहव्यापार का धंधा भी तेजी से फल फूल रहा है। पिछ़ले दिनों भैरहवा के एक कैसीनों से तीन उज्बेकिस्तान की युवतियों को एक दलाल के साथ पकड़ा गया। जिससे इस बात की पुष्ट़ि हुई कि कैसीनों में संचालित हो रहे देह व्यापार में विदेशी घुसपैठ़ भी है।
सवाल यह उठ़ रहा है कि भारतीयों को आर्थिक रुप के साथ साथ कई मायनों में बर्बाद करने के लिए नेपाल में खोले गये “कैसीनों ट्रैप ” का मास्टर माइंड़ कौन है? यह जानते हुए भी नेपाल में दाऊद का नेट़वर्क तक इन कैसीनों तक है। जिम्मेदारों की चुप्पी क्यों है। लाखों भारतीय नागरिक नेपाल के “कैसीनों ट्रैप” में बर्बाद हो रहे हैं। कौन बचाऐगा इन्हें?
या फिर कैसीनों के आड़ में एक बड़ा खेल चल रहा है। जिसे वैश्विक अंडरवर्ड का संरक्षण प्राप्त है। सोंचने वालों के लिए मुद्दा गंभीर है।
,,जिसको फर्क नहीं पड़ता ,,वह कैसीनों जाए,,,राखी सांवत के साथ सेल्फी खिंचवाया ही है,,,शीघ्र ही सनी लियोनी भी आयेगी। दे दनादन सेल्फी बनेगी ही,,,फंसिए ,,क्योंकि यह तो “कैसीनों-ट्रैप” का ट्रेलर मात्र है।






