यहां बन रहा दुनिया का सबसे ऊँचा शिव मूर्ति, इतना फीट होगा ऊंचाई
राजस्थान। गुजरात में दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के बाद अब राजस्थान में दुनिया की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा बन रही है उदयपुर से 50 किलोमीटर की दूरी पर श्रीनाथद्वारा के गणेश टेकरी में सीमेंट कंकरीट से बन रही विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा का 85 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो गया है। अगले साल मार्च में इस मूर्ति का अनावरण किए जाने की संभाना है।
दुनिया की सबसे ऊंची इस शिव मूर्ति की ऊंचाई 351 फीट है। इस वक्त दुनिया में सबसे ऊंची शिव मूर्ति नेपाल के कैलाशनाथ मंदिर में है। इस मूर्ति की ऊंचाई 143 फीट है। मेहता ने बताया कि 351 फुट की विशालकाय, सीमेंट कंकरीट की शिव प्रतिमा का निर्माण उदयपुर से 50 किलोमीटर की दूरी पर उदयपुर-जयपुर राजमार्ग पर श्रीनाथद्वारा के पास गणेश टेकरी में 16 एकड़ क्षेत्र की पहाड़ी पर किया जा रहा है।
पिछले चार वर्षों से चल रहे इस निर्माण में सीमेंट के लगभग तीन लाख बोरे, 2500 टन एंगल, 2500 टन सरिया इस्तेमाल हो चुका है तथा 750 कारीगर और श्रमिक प्रतिदिन काम कर रहे है। प्रतिमा में भगवान शिव ध्यान और आराम की मुद्रा में हैं। 351 फुट ऊंची प्रतिमा में पर्यटकों की सुविधा के लिये चार लिफ्ट और तीन सीढिय़ों का प्रावधान रखा गया है। पयर्टक 280 फुट की ऊंचाई तक जा सकेंगे।
सिडनी की तकनीक भूकंप से बचाएगी
शिव प्रतिमा को स्टील मॉड्यूल की सहायता से बनाया जा रहा है। स्टील से हर एक फीट पर सरिये की मदद से ढांचा तैयार कर इसमें कंकरीट भरा जाएगा और उसपर तांबा चढ़ाया जाएगा। प्रतिमा की सुरक्षा गुणवत्ता की जांच सिडनी में होगी। ऊंचाई पर होने के कारण हवा के वेग तथा भूकंप के अधिकतम दबाव को ध्यान में रखते हुए 250 साल में आने वाले भूंकप की अधिकतम क्षमता, हवा के वेग सहित सुरक्षा को ध्यान में रखकर इसका निर्माण कराया जा रहा है।
स्प्रिंग टेम्पल बुद्धा और स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी बड़ा है
गौरतलब है कि 182 मीटर ऊंची सरदार वल्लभभाई पटेल की ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का अनावरण 31 अक्टूबर को किया गया था। 2,389 करोड़ रुपए की लागत से नर्मदा नदी के साधु बेट द्वीप पर बने पूर्व उपप्रधानमंत्री की प्रतिमा का अनावरण करते हुए मोदी ने इसे दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बताया, जो चीन के स्प्रिंग टेम्पल बुद्धा की प्रतिमा (153 मीटर) से लगभग 29 मीटर ऊंची और अमेरिका के न्यूयॉर्क में स्थित स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी (93 मीटर) से लगभग दोगुनी है।





