अपने राजनैतिक जीवन के सबसे बड़े संकट में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव

अपने राजनैतिक जीवन के सबसे बड़े संकट में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव

उ०प्र०/लखनऊ

अपने राजनैतिक जीवन के सबसे बड़े संकट में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव

पार्टी और पुत्र के बीच उन्होंने पार्टी का चयन किया है। इतने कठोर फैसले के बाद भी उनका संकट कम होने की बजाए बढ़ता नजर आ रहा है। उधर अखिलेश यादव शनिवार को विधायको कन बैठक बुलाया है ।

जब कि विधानसभा चुनाव की दहलीज पर खड़े उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ पार्टी के सामने अब अपनी साख बचाने की चुनौती है। डा. राम मनोहर लोहिया के आदर्शों पर चलने वाले मुलायम सिंह यादव ने राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश में 1967 में सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर सबसे कम उम्र में विधायक बनकर दमदार तरीके से अपने राजनीतिक कॅरिअर का आगाज़ किया था।

पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के बीच लोकप्रिय मुलायम सिंह ने जनता दल से अलग होकर समाजवादी पार्टी के रूप में एक अलग पार्टी बनाई। वह आठ बार विधानसभा चुनाव जीते और छह बार सांसद रह चुके हैं।

लेकिन राजनीति में अपने चरखा दांव के लिए मशहूर मुलायम सिंह के लिए 2017 की शुरुआत कठिनाई भरी होगी। बेटे और पार्टी के चुनाव में उन्होंने बेटे को बाहर निकाल किया है लेकिन देखना यह होगा कि उनका यह कठोर निर्णय उनकी पार्टी को बचा पाने में मददगार होगा या नहीं…!

पहली बार विधायक बने- 1967

इसके बाद विधायक बने-1974, 1977, 1985, 1989, 1991, 1993 व 1996

समाजवादी पार्टी बनी- अक्तूबर, 1992

लोकसभा सदस्य बने-1996, 1998, 1999, 2004, 2009, 2014

रक्षामंत्री बने-1996

प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री बने –5.12.89 से 24.6.91 तक

-4.12.93 से 03.6.95 तक

-29.8.3 से 12.5.07 तक

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