आहत है अखिलेश अपने करीबियों के टिकट कटने से
अब उठाएंगे यह बड़ा कदम —-
झांसी / उ०प्र०
समाजवादी पार्टी ने आज अपने 325 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी. इस लिस्ट में मुख्यमंत्री अखिलेश के कई करीबियों का नाम नहीं शामिल किया गया. यानी अखिलेश के नजदीकी मंत्रियों और विधायको के टिकट को काट दिया गया है. जबकि उनके द्वारा बर्खास्त मंत्रियों को भी सपा ने टिकट दिया है. जिससे यह साफ नजर आ रहा कि टिकट बंटवारे में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की जबरदस्त तरीके से अनदेखी की गई है ।
पार्टी द्वारा की गई इन्हीं अनदेखी से आहत अखिलेश अब एक बड़ा कदम उठाने जा रहे है. अपने खास नेताओं के टिकट कटने की जनाकारी पर उन्होंने बुंदेलखंड में अपने कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘उम्मीदवारों की सूची में जिनका नाम कटा उसके लिए फिर से बात करेंगे, नाम कटने वालों के लिए नेताजी से बात करेंगे. बुंदेलखंड की जनता अगर कहे तो चुनाव लड़ने को तैयार हू. अपने किए कामो के बल पर फिर सरकार बनाएंगे. काम के आधार पर ही जनता चुनती है. वोट देती है
आपको यह बता दें कि अखिलेश के करीबी मंत्री अरविंद सिंह गोप की जगह राकेश वर्मा को टिकट दिया गया है. राकेश वर्मा बेनी प्रसाद वर्मा के पुत्र हैं. जबकि रामगोविंद का भी टिकट कटा है. आशीष पांडेय को पवन पांडेय की जगह टिकट मिला है, आशीष पांडेय फैज़ाबाद जिलाध्यक्ष जयशंकर पांडेय के पुत्र है. सपा नेतृत्व ने मंत्री राम गोविंद चौधरी और मंत्री पवन पाण्डेय को भी टिकट नहीं दिया. मंत्री रामगोविंद चौधरी का टिकट कटने पर नीरज सिंह गुड्डू को बासडीह से टिकट मिला है.
इसके अलावा गाजीपुर के मोहम्मदाबाद से दागी सिगबतुल्ला अंसारी और कानपुर कैंट से अतीक अहमद को सपा से टिकट मिला है. सिगबतुल्ला अंसारी माफिया मुख्तार अंसारी के भाई हैं. कहा जा रहा है कि इन दोनों के टिकट का मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विरोध किया था ।








































