काश्मीर के डीएसपी हिजबुल आतंकियों के साथ हुआ गिरफ्तार
काश्मीर के डीएसपी हिजबुल आतंकियों के साथ हुआ गिरफ्तार
आई एन न्यूज जम्मू कश्मीर डेस्क: पुलिस में डीएसपी देवेंदर सिंह को हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकियों के साथ गिरफ्तार किए जाने की खबर सुर्खियों में है। पुलिस महकमे में काम करते हुए वह अच्छा खासा नाम कमाया था। इसके चलते ही उसकी रैंक भी बढ़ी थी। देवेंदर सिंह का अब तक का करियर कैसा रहा है और उसके साथ काम कर चुके अधिकारियों का इस मामले में क्या कहना है।
देवेंदर ने वर्ष 1990 में सब-इंस्पेक्टर के पद पर फोर्स को ज्वाइन किया था। उसकी पहली पोस्टिंग कश्मीर के बिजबेहरा में हुई थी। वह आतंक ग्रस्त पुलवामा जिले में DSP के पद पर भी रहा है। उसके 30 साल के करियर में 20 साल तो उसने संवेदनशील जिलों में पुलिस के साथ काम करते हुए बिताए और इसमें उसकी भूमिका सीधे तौर पर आतंक विरोध ऑपरेशंस को अंजाम देने की थी।
उसने जम्मू-कश्मीर पुलिस की ट्रैफिक विंग में भी सेवाएं दी हैं। उसके साथ काम कर चुके एक सीनियर अधिकारी बताते हैं कि आतंक रोधी अभियानों में तो सिंह का बड़ा नाम रहा है। उसका खुद ही आतंकियों के साथ पकड़ा जाना बहुत हैरानी वाली खबर है। इस पूरे मामले की जांच होना चाहिये।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सिंह ने इससे पहले भी जबरन वसूली के आरोपों का सामना किया है। इसके परिणाम स्वरूप उसका तबादला हो गया था। वर्तमान में वह श्रीनगर एयरपोर्ट में एंटी हाईजैकिंग विंग में पदस्थ था। इस भूमिका में भी उसे दो साल का अनुभव है। इतना ही नहीं, उसे पिछले साल राष्ट्रपति वीरता पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है।
तीसरे अधिकारी ने बताया कि वह हमेशा से पैसों के मामले में खराब रहा। पैसा बनाने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकता है। उसे कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की शह मिली हुई है। एक चौथे अधिकारी ने बताया कि काउंटर मिलिट्री ऑपरेशंस के मामलों में वह अक्सर शेखी बघारता रहता था। हालांकि उसने अपने करियर में काफी पैसा कमाया लेकिन उसके इस तरह पकड़े जाने की सूचना से सारे पुलिस अधिकारी हतप्रभ हैं। दक्षिणी कश्मीर के त्राल के रहने वाले सिंह के पास दो घर हैं। एक श्रीनगर के पॉश एरिया इंद्रा नगर में है और दूसरा जम्मू में है। उसके कुछ सहकर्मियों ने बताया कि सिंह इस प्रकार का अधिकारी रहा है जो प्रमोशन और पैसे के लिए अक्सर चांस लेता रहता था।
उसके एक सहयोगी ने कहा, “मुझे नहीं पता कि किन परिस्थितियों में उसने उग्रवादियों का साथ दिया। या फिर यह पैसे का लालच भी हो सकता है या किसी ने उसे इन आतंकवादियों को राज्य के बाहर ले जाने में मदद करने के लिए कहा हो। एक बात स्पष्ट है, कोई भी उसे बचाने वाला नहीं है।” अधिकारियों ने बताया कि साउथ कश्मीर के इंस्पेक्टर जनरल विजय कुमार और डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल अतुल गोयल ने सिंह के खिलाफ जांच में अहम भूमिका निभाई।
देवेंदर सिंह के साथ पकड़े गए आतंकियों में से एक का नाम नवीद बाबू और दूसरे का नाम रियाज नियाकू। नवीद जहां दर्जनों पुलिसकर्मियों की मौत के पीछे वजह रहा है, वहीं उसका साथी रियाज नियाकू इस मामले में आगे था। वह शोपियां में आतंक का चेहरा बना हुआ है। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद उसने क्षेत्र में बाहर से आने वाले कई ट्रक ड्राइवरों और किसानों की हत्याएं की हैं। एक सावधानीपूर्वक चलाए ऑपरेशन के तहत देवेंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।


