अयोध्या: यादों की झरोखे से-नौतनवा में बच्चे भी पुलिस की बर्बरता से अछूते नहीं रहे

अयोध्या: यादों की झरोखे से-नौतनवा में बच्चे भी पुलिस की बर्बरता से अछूते नहीं रहे

अयोध्या: यादों की झरोखे से–

नौतनवा में बच्चे भी पुलिस की बर्बरता से अछूते नहीं रहे

राम काज किन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम!

इंडो नेपाल न्यूज़ का अयोध्या मुद्दे पर विशेष कवरेज:

30 अक्टूबर 1990- 28 वर्ष पहले का वह मंजर अयोध्या का नाम आते ही आंखों के सामने चलने लगता है।
भगवान श्री राम का नाम लेने वालों को पुलिस जेल के सलाखों के पीछे ठूस रही थी।

अयोध्या: यादों की झरोखे से-नौतनवा में बच्चे भी पुलिस की बर्बरता से अछूते नहीं रहेनौतनवा में मासूम बच्चों पर पुलिस ने लाठियां बरसाई थी। कसूर इनका इतना था कि वह मौन धारण करते हुए हाथ में तख्तियां लिए हुए अयोध्या में श्री रामजी का मंदिर बनाने की मांग कर रहे थे। सरकार और पुलिस को यह बर्दाश्त नहीं हुआ और पुलिस ने बच्चों की रैली जैसे ही नौतनवा ठूठीचौराहे पर पहुंचा तत्कालीन थानाध्यक्ष बीडी यादव अपने दल बल के साथ मासूम बच्चों पर लाठियां बरसा दी। उनके पीछे चल रहे कई भाजपा नेताओं को चोटे आयी थी । पुलिस का वो तांडव देखकर हर कोई सहम गया था । लोगों के दिलों में गुस्सा और आक्रोश काफी भर गया था।

अयोध्या: यादों की झरोखे से-नौतनवा में बच्चे भी पुलिस की बर्बरता से अछूते नहीं रहे
श्री कैलाश नाथ सिंह

आइए उस पल को हम याद करते हुए बात करेंगे सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य श्री कैलाश नाथ सिंह जी से जो श्री राम जन्मभूमि भक्ति आंदोलन सन 1990 में अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर नव निर्माण के लिए विश्व हिंदू परिषद नौतनवा के तत्वावधान में श्रीराम महायज्ञ का आयोजन किया गया व्या।उस समय यह नारा दिया गया
“पांच रुपैया दे दे रे भैया राम सिया के नाम का, राम के घर में लग जाएगा पत्थर तेरे नाम का’ श्रीराम शिला पूजन का एक दृश्य स्मरण करते हुए उन्होने कहां कि श्री राम जन्मभूमि भक्ति आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले कारसेवकों के अस्थि कलश की श्रद्धांजलि सभा का का आयोजन नौतनवा के हनुमान चौक पर किया गया था पुलिस सभा स्थल को चारो तरफ से घेर रखी थी। उस समय हम लोग यह नारा लगाते थे। प्रभु रामचंद्र के मंदिर का जब तक होता निर्माण नहीं, सौगंध राम की खाते हैं रुक सकता यह अभियान नहीं! है यही अयोध्या राघव की, जो राम राज्य निर्माता थे! कौशल्या के नैनो के तारें, जन-जन के राजदुलारे थे! …………………. राम लला हम आएंगे मंदिर भव्य बनाएंगे!!
05 अगस्त 2020
श्री कैलाश नाथ सिंह जो वर्तमान में संस्थापक सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज नौतनवा महाराजगंज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तात्कालिक (तहसील कार्यवाह है। श्री राम जन्मभूमि भक्ति आंदोलन सन 1990 से 1992 के मध्य दो दो बार श्री राम का नाम लेकर कारागार (जेल) भी गए।और अंत में उन्होनें हनुमान जी द्वारा कही हुई एक चौपाई को याद करते हुए कहां कि राम काज किन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम!
(क्रमशः एक)

महाराजगंज उत्तर प्रदेश।

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