सोनौली पुलिस चौकी पर चर्चित सिपाहियों का कब्जा, महकमे में हड़कंप
सोनौली पुलिस चौकी पर चर्चित सिपाहियों का कब्जा, महकमे में हड़कंप
आई एन न्यूज सोनौली डेस्क:
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनौली की अंतरराष्ट्रीय महत्व की नागरिक पुलिस चौकी और कोतवाली में चार थानेदार और चार चौकी प्रभारी बदल गए हैं। लेकिन इन बदलावों के बीच दो चर्चित सिपाही पिछले चार वर्षों से चौकी और थाने पर जमे हुए हैं, जिनकी गतिविधियों ने अब पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा दिया है।
चौकी पर तैनात चर्चित सिपाही की करतूत:
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोनौली चौकी पर तैनात एक चर्चित सिपाही पिछले तीन वर्षों से चार चौकी प्रभारियों के स्थानांतरण के बाद भी कुंडली मारकर बैठा हुआ है। इसका असर यह हुआ है कि जो भी चौकी प्रभारी आता है, वह सिपाही का चहेता बन जाता है, जिसके कारण अन्य सिपाही अपने को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। यह सिपाही चौकी पर प्रभारी से कम नहीं समझता और कभी-कभी स्थानीय स्तर पर सिपाहियों की ड्यूटी से लेकर शिकायतों तक की देखरेख करता है। सीमा पर विभिन्न प्रकार के वैध और अवैध कार्यों का पूरा हिसाब-किताब रखने की जिम्मेदारी भी इसी पर है।
थाने में भी वैसा ही माहौल:
थाने में भी पिछले चार वर्षों से एक चर्चित सिपाही ने अपना कब्जा जमा रखा है। इस अवधि में कई सिपाही थाने और चौकी पर आए और चले गए, लेकिन यह दोनों सिपाही जमे हुए हैं और पूरे क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, थाने पर कोई भी दरखास्त लेकर जाता है तो यह चर्चित सिपाही वहीं से डील करना शुरू कर देते हैं, जिससे मामला थानेदार तक नहीं पहुंचता है। यहां तक कि यदि थानेदार कोई आदेश भी कर देते है, तो यह सिपाही उसे तब तक नहीं मानते जब तक उनकी मनमानी पूरी नहीं हो जाती।
स्थानीय जनता और सिपाहियों की परेशानी:
इन चर्चित सिपाहियों की करतूतों से स्थानीय जनता और अन्य सिपाही काफी परेशान हैं। थाने और चौकी के सिपाही इन दोनों सिपाहियों की मनमानी से त्रस्त हैं, और उच्च अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित कराया गया है।
यह स्थिति न केवल पुलिस महकमे के अनुशासन को प्रभावित कर रही है, बल्कि स्थानीय जनता के लिए भी यह चिंता का विषय बन गई है। ऐसे में अब देखना होगा कि उच्च अधिकारी इस समस्या का समाधान कब और कैसे करते हैं।
महाराजगंज– उत्तर प्रदेश।





