नौतनवा में बचपन व ए बी इंटरनेशनल स्कूल ने हर्षोल्लास से मनाया स्थापना दिवस
नौतनवा में बचपन व ए बी इंटरनेशनल स्कूल ने हर्षोल्लास से मनाया स्थापना दिवस
आई एन न्यूज नौतनवा डेस्क:
बचपन स्कूल और ए बी इंटरनेशनल स्कूल के समस्त विद्यालय परिवार ने संयुक्त रूप से आज स्कूल का स्थापना दिवस बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया। यह विशेष अवसर बच्चों, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन के लिए अत्यंत भावनात्मक व प्रेरणादायक रहा। कार्यक्रम की शुरुआत सबसे छोटी बच्ची अनन्या द्वारा केक काटकर की गई, जिसने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया।
कार्यक्रम में सभी बच्चों और स्टाफ ने मिलकर केक, स्नैक्स और चॉकलेट का आनंद उठाया और एक-दूसरे को बधाइयाँ देकर इस उत्सव को साझा किया। स्कूल की डायरेक्टर अंजली ने इस खास दिन पर सभी को शुभकामनाएं दीं और पूरे विद्यालय परिवार के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने बताया कि “2010 में हमने एक छोटे से पौधे के रूप में ‘बचपन’ की शुरुआत की थी, और आज 2025 में वह पौधा ABIS रूपी वटवृक्ष का रूप ले चुका है। यह सब ईश्वर की कृपा, सबके आशीर्वाद और टीम के समर्पण का ही परिणाम है।”
चीफ एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बी. के. त्रिपाठी ने भी सभी को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि, “हमारे विद्यालय की स्थापना का एकमात्र उद्देश्य बच्चों का सम्पूर्ण विकास है, और हमें गर्व है कि हम इस उद्देश्य को अपनी पूरी टीम के साथ मिलकर सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं।”
डायरेक्टर अंजली ने यह भी कहा कि, “शिक्षा और संस्कार – दोनों को हर बच्चे तक पहुँचाना हमारा नैतिक कर्तव्य है और हमारी टीम इसे पूरी ईमानदारी से निभा रही है।”
कार्यक्रम में सभी ने उत्साहपूर्वक “Long Live Bachpan & ABIS” का नारा लगाया और एकजुटता के साथ विद्यालय के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रमुख शिक्षकगण उपस्थित थे। ABIS से:
ऋषिकेश सिंह (प्रिंसिपल), ज़की, प्रतिभा, चंदा, राजी, श्वेता, सोनाली, शोभना, पूजा, सौम्या, उजाला, वंदना, रीमा, सुजाता, लौर्रिन, आदित्य, असदुल्लाह, राजमान, अरविन्द, प्रियांशु, परमजीत, हर्ष, सत्यम, किसान, गावशूल, अभिषेक और आकाश।
वहीं बचपन स्कूल से प्रमुख शिक्षिकाएँ और सहयोगी रहीं:
रिंकल, मोनिका, वैष्णवी, कृतिका, अंशिका, प्रियंका, साक्षी, ईशा, मनिता, अंजली, प्रीती, श्रद्धा और हर्षिता।
कार्यक्रम का समापन विद्यालय परिवार की सामूहिक तस्वीर और बच्चों के साथ उत्साहपूर्ण गीत-संगीत के साथ हुआ। यह दिन विद्यालय के इतिहास में एक सुनहरा अध्याय बनकर हमेशा के लिए दर्ज हो गया। महाराजगंज –उत्तर प्रदेश।





