दादा-दादी के प्यार से लेकर हिंदी के दुलार तक: बचपन स्कूल में बच्चों ने कुछ यूँ मनाए दो खास दिन!
दादा-दादी के प्यार से लेकर हिंदी के दुलार तक: बचपन स्कूल में बच्चों ने कुछ यूँ मनाए दो खास दिन!
आई एन न्यूज नौतनवां डेस्क: स्थानीय बचपन स्कूल में ग्रैंड पेरेंट्स डे का पोस्ट सेलिब्रेशन और हिंदी दिवस बड़े ही हर्षोल्लास व उत्साह के साथ मनाया गया। इस दोहरे आयोजन के माध्यम से बच्चों को एक ओर जहाँ भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ा गया, वहीं दूसरी ओर अपनी मातृभाषा के महत्त्व से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने बच्चों को बुजुर्गों का आदर व सम्मान करने की सीख दी। बच्चों को बताया गया कि ग्रैंड पेरेंट्स हमारे परिवार की मजबूत नींव होते हैं। हमें अपनी नींव से सदा जुड़े रहना चाहिए और उनके द्वारा दिए गए अनुभवों व सीख को हमेशा जीवन में उतारना चाहिए।
वहीं, हिंदी दिवस के अवसर पर बच्चों को स्वर और व्यंजन से परिचित कराया गया। खेल-खेल की गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को बेहद सरल तरीके से हिंदी भाषा का महत्त्व समझाया गया। इस दौरान बच्चों ने स्वर और व्यंजन की रोचक अंताक्षरी खेली तथा मात्राएँ लगाकर नए शब्द बनाना सीखा।
स्कूल की डायरेक्टर अंजली ने दोनों दिवसों के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे बड़े-बुजुर्ग हमारी असली शक्ति और संरक्षण हैं, जिनका सम्मान करना हमारा नैतिक कर्तव्य है। इसके साथ ही उन्होंने हिंदी भाषा की सहजता और उसकी महत्ता पर भी विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी: और
प्रतिभागी बच्चे: समृद्धि, क्षितीजा, स्वेतिका, अयांश, अनाया, रूद्र, दिवांश, दिव्यांशी, अथर्व, आशश्वी, रक्षा, महीरा, तारीख़, हुजाइफ, अनन्या, आरुहि, रयान आदि।
शिक्षिकाएँ: मोनिका, वैष्णवी, तेजस्वी, ईशा, प्रीती, अंजली, मनिता, श्रद्धा, अंशिका, इशिता और रिंकल रहे। महाराजगंज– उत्तर प्रदेश।








































