सियासत का अखाड़ा बना नौतनवा कस्बे का टैक्सी स्टैंड
सियासत का अखाड़ा बना नौतनवा कस्बे का टैक्सी स्टैंड मामला
– मोटी कमाई के कारण कई राजनैतिक दलों की है निगाह
आईएन न्यूज, नौतनवा :
नौतनवा कस्बे का टैक्सी स्टैंड़ व पार्किंग शुल्क वसूली को लेकर क्षेत्र के सियासतदार इतने गंभीर हो गये हैं कि, इन दिनों टैक्सी स्टैंड का मामला राजनैतिक दलों के स्थानीय नेताओं के द्वंद का अखाड़ा हो गया है। इसी वित्तीय वर्ष में नौतनवा टैक्सी स्टैंड की वसूली का ठेका करीब 16 लाख रुपये में नीलाम हुआ, और बामुश्किल दो माह के भीतर की उस नीलामी व वसूली पर सवाल खड़े हो गये। ठेका निरस्तीकरण कवायद् भी हो गयी।
अब इस पूरे मामले में कुछ राजनैतिक दलों के कारिंदे खुशी से लब़रेज हो रहें है, तो विरोधी राजनैतिक दल से संरक्षित ठेकेदार स्टैंड़ की वसूली में अपनी गोटी फिट करने के कागजी तथा शासन स्तरीय पहुंच के लिये हाथ पांव मारने शुरु कर दिये।
स्टैंड मात्र के लिये इतनी उठापटक व संजीदगी ने एक अहम सवाल यह खड़ा कर दिया है कि आखिर स्टैंड वसूली में ऐसा क्या है कि सभी नेता टाइप लोग अपना ध्यान इसी पर लगाये है,,?
इस सवाल के जवाब के लिये जब पार्किंग शुल्क वसूली की नियमावली तथा जमीनी यथा स्थिति की पड़ताल की गयी। तो कई चीजें ऐसी सामने आयी, जिससे यह बात साफ हो रही है कि मनमानी व मलाई का खेल है।
पार्किंग शुल्क वसूली की नियमावली के तहत नपा प्रशासन को पार्किंग स्थल के लिये भूमि, वाहनों के खड़े होने के स्थान, यात्रियों के लिये प्रतिक्षालय तथा पेय जल की व्यवस्था मुहैया करानी होगी। लोनिवि के मार्ग से गुजर रहे वाहनों से पार्किंग शुल्क नहीं लिया जा सकता है। जबरिया पार्किंग को मजबूर नहीं किया जा सकता।
मगर यहां सबकुछ उलट है। मार्ग पर चलते वाहनों को रोक धन लेना यहां की मुख्य वसूली है। यह गुंडा टाइप की वसूली है। जाहिर है धन अधिक आयेंगे। बस इसी अतरिक्त धन के बंदरबांट को लेकर छिड़ी द्वंद राजनैतिक हो चली है। जरुरत है पार्किंग शुल्क व स्टैंड को नियमतः कराने की। सब कुछ नियमावली से होने लगे तो स्टैंड़ के नाम पर छिड़ा सियासी दंगल खुद बा खुद शांत हो जायेगा।





