कप्तान साहब! कैसे होगी सीमा की रखवाली
कप्तान साहब! कैसे होगी सीमा की रखवाली
संवेदनशील सोनौली चौकी पर महज चार सिपाही तैनात–
पुलिस कर्मियों की कमी से जूझ रहे सीमावर्ती के थाने एवं चौकियां—
आई एन न्यूज नौतनवा :
भारत-नेपाल की सोनौली सीमा बीते एक माह से लगातार आतंकवादी गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में है, इसके बाद भी सीमावर्ती पुलिस थानों और चौकियों पर पुलिसकर्मियों की भारी कमी है। सबसे संवेदनशील कोतवाली सोनौली जिसमे तीन पुलिस चौकियां स्थापित हैं, लेकिन यहां पुलिस बल की भारी कमी है। भारत-नेपाल की खुली सीमा होने की वजह से कहीं से भी घुसपैठियों की आवाजाही संभव है, ऐसे में सीमा पर पुलिसकर्मियों की कमी घुसपैठ का एक बड़ा कारण बन रही है।
सीमा पर स्थित सबसे महत्वपूर्ण पुलिस चौकी सोनौली का हाल तो काफी चौकाने वाला है। सीमा से अब तक लगातार हो रही घुसपैठ और तस्करी रोकने के लिए पुलिस कर्मियों की कमी एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। यहां आंकड़े बताते हैं कि सोनौली कोतवाली में एक एसआई और तीन सिपाही की कमी है, सोनौली चौकी में एक एसआई और दो हेडकांस्टेबल समेत बारह सिपाहियों की तैनाती स्वीकृत है। लेकिन मौजूदा समय में यहां महज एक एसआई और चार सिपाहियों की ही तैनाती है बाकी पद खाली चल रहे है।
भारत नेपाल के सोनौली द्वार के मेन गेट पर दो सिपाही एक साथ डियूटी पर तैनात रहते थे, लेकिन सिपाहियों की कमी की वजह से महज एक ही सिपाही की ड्यूटी लगाई जाती है।
ऐसा नहीं है कि महज सोनौली कोतवाली का ही यह हाल है, ऐसी ही तस्वीर सीमा पर स्थित पूरे पुलिस चौकियों का है। भगवानपुर पुलिस चौकी में एक एसआई और चार सिपाहियों की कमी है, खनुवा पुलिस चौकी में भी एक एसआई और चार सिपाहियों का पद रिक्त है। कुल मिलाकर सोनौली कोतवाली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पुलिस कर्मियों की कमी है।
इस संबंध में पुलिस क्षेत्राधिकारी लच्छीराम यादव का कहना है कि नेपाल सीमा पर संवेदनशीलता बढ़ी है, थानों और चौकियों पर पुलिस बल की कमी है। जल्द ही इस मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जाएगी।





