देश के प्रथम परमवीर को भूला प्रशासन
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आई एन न्यूज पालमपुर : बुधवार को देश के पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा की जयंती है, लेकिन उनकी जयंती पर कोई बड़ा कार्यक्रम प्रस्तावित नहीं है। उपेक्षा के चलते देश के प्रथम परमवीर चक्र विजेता का नाम जनरल नॉलेज का सवाल भर रह गया है। आम तौर पर देश के लिए शहीद हुए इस मातृभूमि के लाल के जन्मिदन पर कोई बड़ा आयोजन नहीं होता। मेजर सोमनाथ का जन्म 31 जनवरी, 1923 को जम्मू में हुआ था। 1947 को भारत-पाक युद्ध के दौरान शहीद हुए मेजर सोमनाथ का परिवार पालमपुर के डाढ में रहता है। मेजर सोमनाथ के शहीद होने के बाद 1953 में उनका परिवार हिमाचल में रहने आया था। हालांकि पालमपुर में मेजर सोमनाथ के नाम की प्रतिमा तो स्थापित की गई है, लेकिन यहां पर उनकी जयंती या पुण्यतिथि पर कोई कार्यक्रम प्रशासन की ओर से नहीं किया जाता है।
भारत-पाक युद्ध में दिखाई थी वीरता
1947 के भारत-पाक युद्ध के दौरान मेजर सोमनाथ शर्मा घायल होने के बावजूद भी युद्ध के मैदान में डटे रहे थे। उनका कहना था कि जब तक दुश्मन का अंतिम सैनिक और गोला बारूद मौजूद है, वह तब तक एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे। कुमायूं रेजीमेंट में तैनात मेजर सोमनाथ के शब्द आज भी उनके साहस की गाथा को बयान करते हैं।
(एजेंसी)





