कहां गयी महराजगंज के अंत्येष्ठ़ि स्थल निर्माणों की धांधली जांच रिपोर्ट?

कहां गयी महराजगंज के अंत्येष्ठ़ि स्थल निर्माणों की धांधली जांच रिपोर्ट?
आईएनन्यूज, महराजगंज से सुनील यादव व धर्मेंद्र चौधरी की विशेष रिपोर्ट:
महराजगंज में भ्रष्टाचार का बोलबाला होना एक दस्तूर सा बन गया है। जनसुविधाओं के नाम पर सरकारी विभाग के निर्माण कार्य घोट़ाला व कमीशन रहित हो जायें? यह अब कल्पना ही की जा सकती है।
जबकि हक़ीकत कुछ़ यूं रहता है कि ,,विभागों के प्रस्ताव पर धन आता है, कार्यदायी संस्थाएं कमीशन का गुणागणित सेट़ कर काम करती हैं, धन का बंदरबांट शुरु होता है। जिससे निर्धारण कार्य आधे अधूरे अवस्था में ही पूर्ण दिखा दिया जाता है।
फिर शिकायतों का सिलसिला शुरु होता है। विडंबना देखिये शिकायतों की जांच भी उन्हीं अधिकारियों को मिलती है जो निर्माण या कार्य स्थल के निगरानी कर्ता होते हैं। जांच हुई, रिपोर्ट़ बनी ,,फिर रिपोर्ट कहां गयी किसी को पता तक नहीं चल पाता है। निर्माण कार्य शुरु होने से उसकी जांच तक की नौबत आने में सालों बीत जाते हैं। इस दौरान कई अधिकारी बदल जाते हैं, कई बार तो सरकार ही बदल जाती है।
महराजगंज जिले में अंत्येष्ठ़ि स्थल निर्माण से लेकर उसमें हुई धांधली व जांच रिपोर्ट तक की कहानी भी ऐसी ही है।
कुछ़ मीड़िया रिर्पोर्ट्स व विभागीय आंकड़ों की माने तो वित्तीय वर्ष २०१४-१५ से २०१६-१७ तक पंचायत राज विभाग द्वारा अंत्येष्ठ़ि स्थल निर्माण के लिये कुल ४.९१ करोड़ रुपये अवमुक्त किये हैं। पहली बार १.४५ करोड़, दूसरी बार १.५७ करोड़ व तीसरी बार २.८९ करोड़ रुपये। कार्यदायी संस्थाएं ग्राम पंचायतों को बनाया गया। जिले भर के कई ब्लाक के गांवों में अंत्येष्ठ़ि स्थल निर्माण को पूर्ण व चकाचक होने की कागजी रिपोर्ट भी बन गयी। फिर अचानक शिकायतों का सिलसिला शुरु हो गया कि कई स्थानों पर अंत्येष्ठ़ि स्थल आधेअधूरे पड़े हैं, तो कई कागजी जिक्र स्थलों पर अंत्येष्ठ़ि स्थल बने ही नहीं है।
सदर ब्लाक के बांसपार बैजौली व रुधौली गांव के अंत्येष्ठ़ि स्थल, धानी ब्लाक के बेलसर गांव के अंत्येष्ठ़ि स्थल और सिसवा ब्लाक के बिजापुर व कोल्हुआ गांव में बने अंत्येष्ठ़ि स्थल निर्माण में भारी गोलमाल की शिकायत प्रशासनिक पट़ल पर आयी। जांच शुरु हुई। और यह भी कि जांच ट़ीम को १५ दिनों में अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष रखनी थी। 
क्या जांच हुई, रिपोर्ट क्या थी, कार्यवाई क्या हुई,,? सब कुछ़ पेडिंग के दौर में रही ,,कि प्रदेश में सपा सरकार की बदली हो कर योगी की भाजपा सरकार आ गयी। अधिकारी भी इधर उधर हो गये,और अंत्येष्ठ़ि स्थल की जांच रिपोर्ट भी पता नहीं किस फाइल के नीचे दब गयी।
सवाल यह कि आखिर कब़ तक भ्रष्टाचार का यह दस्तूरी खेल जारी रहेगा?





