भाजपा की दलित सांसद ने नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला, 1 अप्रैल को लखनऊ में करेंगी रैली
यूपी के बहराइच से सांसद फुले ने एससी और एसटी वर्ग के लोगों को नौकरियां और पदोन्नति में आरक्षण की मांग को लेकर तीन माह पहले बहराइच से आंदोलन शुरू किया था। उन्होंने इसके बाद सूबे की राजधानी लखनऊ, बिजनौर, कन्नौज और कानपुर के अलावा कुछ अन्य जिलों में रैलियों का आयोजन किया था।

आई एन न्यूज ब्यूरो:नरेंद्र मोदी की सरकार में उन्हीं के सांसद भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते नजर आ रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में दलित सांसद साध्वी सावित्री बाई फुले ने सरकार की नीतियों पर फिर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि वह एक अप्रैल से लखनऊ में मोदी सरकार की पिछड़ी जाति-पिछड़ी जनजाति को लेकर जो नीतियों हैं, उनके खिलाफ रैली करेंगी। दलित सांसद ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अगर पार्टी उनके खिलाफ कोई कदम उठाती है तो यह संविधान के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई के बराबर होगा। आपको बता दें कि फुले ने एससी और एसटी वर्ग के लोगों को नौकरियों और पदोन्नति में आरक्षण की मांग को लेकर तीन माह पहले बहराइच से आंदोलन शुरू किया था। उन्होंने इसके बाद सूबे की राजधानी लखनऊ, बिजनौर, कन्नौज और कानपुर के अलावा कुछ अन्य जिलों में भी रैलियां की थीं।
यूपी के बहराइच से सांसद फुले ने इस बाबत ‘नेशनल हेराल्ड’ से बुधवार (28 मार्च) सुबह बातचीत की। उन्होंने बताया, “एक अप्रैल से वह ‘भारतीय संविधान बचाओ आंदोलन’ नामक रैली का आयोजन करेंगी। यह रैली भारत सरकार की एससी और एसटी नीतियों के खिलाफ होगी। रैली का आयोजन कांशीराम शांति वन में होगा।”








































