महराजगंज:ओडीएफ गांवों के नाम पर कागजी मुनादी की तैयारी,हकीकत जमीन से परे

महराजगंज:ओडीएफ गांवों के नाम पर कागजी मुनादी की तैयारी,हकीकत जमीन से परे

महराजगंज:ओडीएफ गांवों के नाम पर कागजी मुनादी की तैयारी,हकीकत जमीन से परेमहराजगंज:ओडीएफ गांवों के नाम पर कागजी मुनादी की तैयारी, हकीकत जमीन से परे

इंड़ो नेपाल न्यूज ब्यूरो महराजगंज:नाम भले ही “कारापथ” से “महराजगंज” हो गया हो। लेकिन जिले के विकास के नाम पर कागज़ी-डुगडुगी की पुरानी आदत गई नहीं है। तभी तो पिछ़डापन आज भी महराजगंज की एक पहचान में शुमार है।
एक महत्वपूर्ण योजना के संदर्भ में आते हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी ने जिस अंदाज में “स्वच्छ़ भारत अभियान” का आगाज़ कर देश के पूरे नौकरशाही तंत्र को स्वच्छ़ता अभियान में जुट़ जाने के निर्देश दिये। उससे तो यही लगा कि अब महराजगंज जिले की पिछ़ड़ा कहलाने की प्रकृति बदल ही जायेगी। 12000 रुपये प्रति शौचालय सरकारी सहयोग देकर गांवो को ओडीएफ ( खुले से शौचमुक्त) बनाने के लिए ग्राम पंचायत समिति व पंचायती राज विभाग से लगाये पूरा प्रशासनिक अमला लग गया। जिले के आलाधिकारियों ने वाह-वाही के लिए ऐसे-ऐसे “दावे”करने में भी तनिक संकोच नहीं करते दिखे, जिन दावों की जमीनी हक़ीकत कहीं है ही नहीं ।
2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मागांधी की जयंती पर ओडीएफ गांवों के उद्घोष करने की एक बड़ी शासनिक व प्रशासनिक तैयारी है।
जिसका कागजी खांका प्रशासनिक अमले ने तैयार कर लिया है।
प्रशासनिक खांका वास्तविकता के कितना करीब है। यह इस रिपोर्ट को पढ़ने वाले खुद अपने या अपने आसपास के गांवों में जाकर देख सकते है।
बानगी के तौर पर नौतनवा ब्लाक क्षेत्र के ओडीएफ गांवों के आंकड़ो पर नज़र ड़ालें तो। नौतनवा ब्लाक क्षेत्र में कुल 96 ग्राम सभाएं हैं। जिसमें से 86 गांव को ओडीएफ के चुना गया था। जिसमें 37 गांव ओडीएफ हो गये हैं। दूसरे शब्दों में यह कहा जाय कि प्रशासनिक दावा है कि नौतनवा ब्लाक क्षेत्र के 37 गांवों के लोगों ने खुले में शौच करना बंद कर दिया है। क्योंकि गांव के घर-घर में शौचालय हैं, वो भी चालू हालत में।
अगर आप नौतनवा ब्लाक क्षेत्र के रहने वाले हैं। तो यह जान ले कि रतनपुर, संपतिहा, सिंहोरवा, गंगवलिया, हनुमानगढ़िया, हरदीडाली, झिंगट़ी, जिगिना, कौलही, जिगिनियहवा, खैरहवां दुबे, खैराटी, खनुआ, कोहड़वल, कुसहवा खुर्द, महुअवा, महुअवां नंबर एक, अराजी महुअवा, बैकुंठ़पुर, बरवां खुर्द,बरगदही उर्फ गनवरिया, बड़हरा, बरवांभोज,बरवाकला, विशुनपुरा, बिस्खोप, चकदह, चन्नीथान, छ़पवा, देवघट्टी, दोगहरा, गजरहा, गजरही, लोधसी, नरकटहां,पोखरभिंडा व पड़ौली गांव खुले में शौच से मुक्त हो गया हैं। यह प्रशासन का दावा है। थोड़ी बहुत कोर-कसर है तो 2 अक्टूबर तक पूरा हो जायेगा।
प्रशासनिक दावा कितना सही है। इसकी पड़ताल पाठ़क खुद कर सकते हैं।
इंड़ो नेपाल न्यूज की पड़ताल में प्रशासनिक दावा बिल्कुल दिगर है। जो गांव ओडीएफ हुए हैं। उनमें से अधिकतर गांव के 30-40 % लोग खुले में शौच जा रहे हैं और सौ फीसद परिवारों के घर शौचालय आच्छदित नहीं। बड़ा सवाल यह कि जिम्मेदार कौन? या फिर महराजगंज को कागजी मुनादी की आदत पड़ गई है?

 

धर्मेंद्र चौधरी
■ महराजगंज से धर्मेंद्र चौधरी की एक विशेष रिपोर्ट

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