न्याय के लिए मां-बेटे ने की आत्मदाह की कोशिश।
न्याय के लिए मां-बेटे ने की आत्मदाह की कोशिश।
आई एन न्यूज कुशीनगर डेस्क: जिला मुख्यालय पर उस समय अफरा-तफरी मच गयी जब न्याय के लिए मां-बेटे ने शरीर पर मिट्टी तेल उड़ेल कर आत्मदाह करने की कोशिश की। इस हरकत को देख वहां मौजूद लोग एवं सुरक्षा कर्मियों ने आग लगाने के पहले उनके हाथों से माचिस छीन लिया। दोनों पहले से ही जहरीला पदार्थ खाकर जिला मुख्यालय पहुंचे थे। दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उनकी हालत नाजुक देख बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर रेफर कर दिया।
जिले के अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के सुम्हाटाड़ निवासी बेगलाल के साथ उर्मिला देवी की शादी हुई थी। उर्मिला का आरोप है कि उसके पति का उनके भाभी के साथ अवैध संबंध है। इसका विरोध करने पर पति और उनकी भाभी उसे प्रताड़ित करने लगे। बाद में पति ने अपनी संपत्ति अपनी भाभी के नाम कर दिया और उसे और उसके पुत्र संतोष को घर से बाहर निकाल दिया। मां-बेटा दोनों गांव में ही दूसरे जगह रहकर किसी तरह गुजर-बसर करते हैं। उर्मिला का आरोप है कि पति बेगलाल गांव के अन्य लोगों के साथ गांव छोड़कर चले जाने के लिए दबाव बनाता है और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी देता है। आर्थिक कमजोरी के चलते 30 साल के उम्र में भी उसके बेटे संतोष की शादी नहीं हो पा रही है। इसी को लेकर उर्मिला पिछले 8 महीने से थाने से लगायत जिला मुख्यालय तक न्याय की गुहार लगा रही थी। सोमवार को दोपहर मां-बेटे दोनों हाथ में मिट्टी तेल का गैलन लिए जिला मुख्यालय पहुंचे। दोनों ने जहरीला पदार्थ भी खा रहा था। जिला मुख्यालय पहुंचते ही दोनों शरीर पर मिट्टी तेल उड़ेल कर आग लगाने के लिए माचिस जलाने जा रहे थे कि उनके तरफ लोगों की नजर पड़ गयी। अफरा-तफरी के बीच कुछ लोग और सुरक्षा कर्मी उनके पास पहुंच हाथ से माचिस छीन ली।








































