सूर्य ग्रहण पर विशेष—
सूर्य ग्रहण पर विशेष—
(सूर्य ग्रहण) अब शुरू होने वाला है। यह इस साल का पहला सूर्य ग्रहण है। सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजकर 15 मिनट से शुरू होगा, जो दोपहर 3 बजकर 4 मिनट पर समाप्त होगा। यह सूर्य ग्रहण वलयाकार, जो रिंग ऑफ फायर की तरह दिखाई देगा। यह सूर्य ग्रहण रविवार को मिथुन राशि और मृगशिरा नक्षत्र में लगेगा। मिथुन बुध ग्रह की राशि है और मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल ग्रह है।
जिन राशियों पर अशुभ प्रभाव वह करें ये उपाय
ग्रहण का सभी राशियों पर असर देखने को मिलेगा। कुछ राशियों के लिए यह ग्रहण अच्छा फल देगा वहीं कुछ राशियों के लिए काफी परेशानियां ला सकता है। ऐसे में जिन राशि के जातकों पर इस ग्रहण का अशुभ प्रभाव पड़ेगा वह किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से सलाह लेकर ग्रह शांति और उपाय कर सकते हैं।
इस एक राशि के लिए ज्यादा हानिकारक है सूर्य ग्रहण
यह ग्रहण कुछ राशियों के लिए शुभ समाचार लेकर आ सकता है कुछ को परेशानियों में डाल सकता है। 21 जून का सूर्य ग्रहण मिथुन राशि के लिए ज्यादा अच्छा नहीं रहने वाला होगा। इस राशि के जातकों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार यह ग्रहण शुभ नहीं है
कई ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह सूर्य ग्रहण अशुभ योग में घटित हो रहा है जिस कारण से दुनिया में महामाही और तनाव के बढ़ने का अंदेशा है।
ग्रहण के शुरुआत में कुछ ऐसा दिखाई देगा सूर्य
सूर्य ग्रहण के लगने के में अब कुछ ही देर बाकी है। ग्रहण धीरे-धीरे आंशिक सूर्य ग्रहण के तौर लगना शुरू होगा। फिर जैसे जैसे समय बीतेगा तब ग्रहण अपने चरम की तरफ बढ़ना शुरू हो जाएगा। दोपहर के समय पर सूर्य अंगूठी की भांति चमकता हुआ दिखाई देगा।
नग्न आंखों से सूर्य ग्रहण देखना हानिकारक
थोड़ी ही देर में सूर्य ग्रहण आरंभ हो जाएगा। सूर्य ग्रहण के समय सूर्य को देखते हुए काफी सावधानियां बरतनी चाहिए। कहा जाता है सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए। इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। सूर्य ग्रहण को देखने के लिए फिल्टर का उपयोग करना आंखों के लिए अच्छा रहता है।
शास्त्रों में सूर्य ग्रहण के दौरान कुछ नियमों का पालन करने के बारे में बताया गया है। ऋषि-मुनियों ने सूर्य ग्रहण के लगने के दौरान भोजन न करने की सलाह दी है। मान्यता है कि ग्रहण के समय वातावरण में कीटाणु और नकारात्मक ऊर्जाएं चारों तरफ फैली हुई होती हैं। ऐसे में खाने की चीजों और पेय पदार्थों में छोटे-छोटे कीटाणु एकत्रित होकर उन्हें दूषित कर देते हैं। इसलिए ग्रहण के दौरान खाने की चीजों में कुश या तुलसी के पत्तों को डाल कर रख दिया जाता है। ताकि सारे कीटाणु कुश में एकत्रित होकर मर जाते हैं।
देश के इन हिस्सों में दिखेगा वलयाकार ग्रहण
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि अनूपगढ़, सूरतगढ़, सिरसा, जाखल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, देहरादून, तपोवन और जोशीमठ में रहने वाले लोग वलयाकार ग्रहण को देख पाएंगे। वहीं शेष भारत में लोग आंशिक ग्रहण देख सकते हैं।
देश में सुबह 10 बजकर 15 मिनट से सूर्य ग्रहण की शुरुआत हो जाएगी। इस सूर्य ग्रहण को कंकणाकृति खंडग्रास ग्रहण कहा जाता है। इसे चूणामणि ग्रहण के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार अमावस्या पर यह ग्रहण लगने के कारण अमावस्या का श्राद्ध कर्म ग्रहण के बाद होगा। इससे पहले किए गए श्राद्ध कर्म का कोई महत्व नहीं होगा।
सूर्य ग्रहण 21 जून को सुबह 10 बजकर 15 मिनट से शुरू हो जाएगा और दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर प्रभाव अधिक रहेगा और दोपहर 3 बजकर 4 मिनट पर सूर्य ग्रहण खत्म हो जाएगा।
सूर्य का नजारा रिंग ऑफ फायर के रूप में देखने को मिलेगा
कुछ ही देर के बाद आज यानी 21 जून को साल का पहला सूर्य ग्रहण आरंभ हो जाएगा। यह ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। इस सूर्य ग्रहण के दौरान आसमान में सूर्य का नजारा बहुत ही अनोखा होगा। इस दौरान सूर्य का नजारा रिंग ऑफ फायर के रूप में देखने को मिलेगा। यह सूर्य ग्रहण भारत में देखा जा सकेगा।
गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण के सूतक काल से लेकर सूर्य ग्रहण की समाप्ति तक विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। इस समय नकारात्मकता काफी बढ़ जाती है, जिससे बचने के लिए अपने पास नारियल रखना चाहिए। अगर गर्भवती महिलाओं ने अभी तक अपने पास नारियल नहीं रखा तो सूर्य ग्रहण के प्रारंभ होने से पहले रख लें।
गर्भवती महिलाएं घर में रहें—-
सूर्य ग्रहण का गर्भवती महिलाओं पर काफी असर पड़ता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं जाना चाहिए। इस समय में घर से बाहर जाने से होने वाली संतान पर ग्रहण का विपरीत प्रभाव पड़ता है।
इस समय में भगवान के मंत्रों का जाप करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान नकारात्मकता काफी बढ़ जाती है, जिससे बचने के लिए भगवान का ध्यान करते रहना चाहिए।





