भारत और नेपाल दो देश है लेकिन आत्मा एक —-रंजीत रे राजदूत
भैरहवा मे भारतीय राजदूत का सम्मान व विदायी समारोह समपन्न 51 किलो का माला पहनाकर किया गया भब्य स्वागत —–
आई एन न्यूज डेस्क सोनौली /महाराजगंज
भारत और नेपाल दो देश है लेकिन दोनों की आत्मा एक है इस रिश्ते को किसी ने बनाया नहीं है तो बिगाड़ भी नहीं सकता । भारत और नेपाल का खुला बॉर्डर है किसी और देश के साथ ऐसा संबंध नहीं है ।
बातें रविवार की दोपहर को नेपाल भारत अवध मैत्री समाज द्वारा भैरहवा के एक होटल में आयोजित सम्मान एवं विदाई समारोह को संबोधित करते हुए नेपाल में स्थित भारतीय राजदूत रंजीत रे ने कही । उन्होंने कहा हमारे संबंध नदी नाले हिमाल पहाड़ तक से है । नेपाल में स्थिरता होगी तभी भारत में विकास होगा । हमारा लक्ष्य सबका साथ सबका विकास है । नेपाल में शांति के लिए हमेशा से भारत का रोल रहा है । हम हमेशा नेपाली जनता का समर्थन करते हैं । गरीबी और अशिक्षा को दूर करने का प्रयास होता रहा । हर देश की अपनी सोच है प्रगति करने की हमारे दोनों देशों में प्रगति के प्रयाप्त से अधिक श्रोत है
। उन्होंने नेपाल में भारत के सहयोग से चल रहे तमाम बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि व्यापारिक संबंध दोनों देशों के संबंध को मजबूत करते हैं । भारत नेपाल का खुला बॉर्डर संबंधों को और मजबूत करता है । बौद्धिस्ट सर्किट बनाने पर कार्य करना होगा । भारत से टूरिस्ट वीजा शुरू हो गया है।
नेपाल के पुर्व मंत्री हृदेश त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय राजदूत रंजीत रे का दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने तथा उसे आगे बढाने मे अहम तथा सराहनीय भूमिका रही है। नेपाल भारत की खुली सीमा में कोई रुकावट आवे इसे हम बर्दाश नहीं कर सकते। तराई मधेश को बिना साथ लिए कोई कुछ नहीं कर सकता है। सीमा नियंत्रण के नाम पर बार्डर बंद का प्रयास किया गया तो बर्दाश नहीं होगा। श्री रंजीत रे का कार्य उल्लेखनीय और अनुकरणीय है।
सम्मान समारोह की अध्यक्षता नेपाल भारत अवध समाज के केंद्रीय अध्यक्ष ईश्वर दयाल मिश्र ने की। जब कि कार्यक्रम के संयोजक नेपाल भारत अवध समाज के रूपन्देही अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता रहे सांसद इस्तियाक खान, कमलेश्वर पूरी, चंदा चौधरी, प्रकाश चित्रकार, जिलाधिकारी रूपन्देही विनोद प्रकाश सिंह, एसपी रूपन्देही रविन्द्र धानूक, व्यापारी नेता भैरहवा राम कुमार शर्मा, युवराज सुवेदी, एसपी सशस्त्र बेनू प्रसाद पाठक आदि ने रंजीत रे का भव्य स्वागत करते हुए उनको 51किलो का फूल माला पहनाकर स्वागत कर उनके कार्यो का बखान किया।





