सोनौली संयास आश्रम में मनाई गई गुरु पूर्णिमा

सोनौली संयास आश्रम में मनाई गई गुरु पूर्णिमा

सोनौली संयास आश्रम में मनाई गई गुरु पूर्णिमा

आई एन न्यूज सोनौली डेस्क:
गुरु-चरणों में शिष्यों को ज्ञान, शान्ति, भक्ति और योग शक्ति प्राप्त करने की शक्ति मिलती है।
यह विचार है भारत-नेपाल सीमा के सुनौली बॉर्डर पर स्थित सन्यास आश्रम के महंत स्वामी अखिलेश्वर आनंद सरस्वती महाराज की जिन्होंने आज अपने गुरु की पूजा अर्चना वंदना करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्होंने ने कहां कि गुरु के चरणों में बैठ कर हम सब कुछ
समझने की अनुभूति पाने का प्रयास करते हैं, वही गुरु है। जैसे सूर्य के ताप से तपती भूमि को वर्षा से शीतलता और फसल पैदा करने की ताकत मिलती है, वैसे ही गुरु-चरणों में शिष्यों को ज्ञान, शान्ति, भक्ति और योग शक्ति प्राप्त करने की शक्ति मिलती है।
आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहते हैं।
इस दिन सनातन धर्म में गुरु पूजा का विधान है। गुरु पूर्णिमा वर्षा ऋतु के आरंभ में आती है। इस दिन से चार महीने तक साधु-सन्त एक ही स्थान पर रहकर ज्ञान की गंगा बहाते हैं।अध्ययन के लिए अगले चार महीने उपयुक्त माने गए हैं। पिछले वर्षों के मुकाबले इस वर्ष गुरु पूर्णिमा का स्वरूप बहुत कुछ बदला हुआ है। कोरोना संक्रमण के कारण गुरु वंदना भी ऑनलाइन हो रही है। समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में सफलता के शीर्ष पर बैठे लोग अपने-अपने तरीके से गुरु को याद कर रहे हैं।
गुरु वंदना के इस मौके पर मुख्य रुप से सुरेश मणि त्रिपाठी, गुड्डू जायसवाल, राजेश शुक्ला, अरविंद मिश्रा, विजय चौरसिया, पलटू भाई ,भारत माता
स्मिता शुक्ला, अनुराधा मिश्र,स्वाती मिश्र सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
महाराजगंज उत्तर प्रदेश

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