जायसवाल सभा नौतनवा छात्रवृत्ति सम्मान समारोह, शिक्षकों का हुआ सम्मान

जायसवाल सभा नौतनवा छात्रवृत्ति सम्मान समारोह में 30 मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति, शिक्षकों का हुआ सम्मान
आई एन न्यूज नौतनवा डेस्क:
जायसवाल सभा अतिथि भवन नौतनवा में रविवार को एक भव्य छात्रवृत्ति सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन जायसवाल सभा अतिथि भवन नौतनवा द्वारा किया गया, जिसकी अध्यक्षता सभा के अध्यक्ष उमा जायसवाल ने की। समारोह में नगर के लगभग 10 विद्यालयों के शिक्षक व प्रबंधक बतौर प्रमुख अतिथि उपस्थित रहे।
समारोह का शुभारंभ भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन महाराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत जायसवाल समाज के सम्मानित लोगो मे प्रमुख रुप से नंदलाल जायसवाल, सुधाकर जायसवाल, जितेंद्र जायसवाल, राजाराम जायसवाल, अशोक जायसवाल, कृष्ण मुरारी जायसवाल, रमेश चंद्र जायसवाल, पन्नालाल जायसवाल, संतोष जायसवाल, रिंकू जायसवाल व सचिन जायसवाल सहित अन्य समाजसेवियों ने उपस्थित शिक्षकों को माला पहनाकर स्वागत व सम्मान किया।
इस अवसर पर सभी वक्ताओं ने छात्रवृत्ति प्राप्त कर रहे मेधावी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सामाजिक कार्यों में सामूहिक सहभागिता आवश्यक है। वक्ताओं ने कहा, “अगर योजना सच्चे मन से बनाई जाए और उस पर ईमानदारी से अमल हो, तो कुछ भी असंभव नहीं है। जायसवाल समाज आज अन्य समुदायों के लिए प्रेरणा स्रोत बनकर उभर रहा है और सेवा का माध्यम बन रहा है।”
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने भी अपने विचार साझा किए। शिक्षकों ने कहा कि जयसवाल समाज द्वारा छात्रवृत्ति वितरण, शिक्षक सम्मान एवं अन्य सामाजिक कार्य अन्य समाजों के लिए अनुकरणीय हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल की जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम है। शिक्षकों में मुख्य रूप से जन्मेय सिंह समेत कई अन्य शिक्षकों ने समाज के प्रयासों की सराहना की।
समारोह में नगर के 30 मेधावी बच्चों को कुल मिलाकर तीन लाख रुपए से अधिक की छात्रवृत्ति राशि के चेक प्रदान किए गए। इस सहयोग से बच्चों की शिक्षा को नई दिशा मिलेगी और वे समाज के प्रति कृतज्ञ होकर आगे बढ़ेंगे।
कार्यक्रम के अंत में सभा अध्यक्ष उमा जायसवाल ने बड़ी संख्या में उपस्थित सजातीय बंधुओं व गणमान्य अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए समाज को इसी तरह एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
यह कार्यक्रम समाज में शिक्षा और सेवा के प्रति सजगता का एक मजबूत उदाहरण भी प्रस्तुत किया।





