दर्द की धूप में गिर पड़ी सुनीता, मासूम बच्ची ने मां को उठाने की गुहार लगाई –तहसील चौराहे पर उमड़ी भीड़”
“दर्द की धूप में गिर पड़ी सुनीता, मासूम बच्ची ने मां को उठाने की गुहार लगाई –तहसील चौराहे पर उमड़ी भीड़”
आई एन न्यूज नौतनवा डेस्क :
आज नौतनवा तहसील चौराहे पर एक मार्मिक दृश्य ने राहगीरों और आम लोगों की आंखें नम कर दीं। चिलचिलाती धूप में एक महिला अपनी मासूम बच्ची के साथ न्याय की आस में तहसील जा रही थी, तभी अचानक वह सड़क पर बेहोश होकर गिर पड़ी। बच्ची मां को उठाने की लगातार कोशिश करती रही, “मां उठो… मां उठो…” की पुकार सुनकर वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे और बड़ी संख्या में भीड़ एकत्र हो गई।
लोगों ने महिला को सड़क से उठाकर पास में बिठाया और पानी का छिड़काव कर होश में लाने का प्रयास किया। थोड़ी देर में महिला को होश आया, तो उसने अपनी दर्दभरी कहानी बयां की। पीड़िता ने अपना नाम सुनीता चौधरी, पिता का नाम मिठाई लाल चौधरी, ग्राम हथियावां टोला मैंनियहवा बताया।
सुनीता की शादी 13 साल पहले बरगदवा थाना क्षेत्र के ग्राम बेलहिया निवासी अनूप चौधरी, पुत्र राम सिंह चौधरी से हुई थी। दो बेटियों की मां सुनीता ने बताया कि दहेज के लिए पति ने मारपीट कर घर से निकाल दिया। मजबूरी में पिता के घर जा पहुंची, लेकिन अब वहां भी कोई सहारा नहीं बचा। बेबस सुनीता अब अपनी दो बेटियों के साथ दर-दर की ठोकरें खा रही है।
वह न्याय की आस में तहसील से लेकर थाने तक चक्कर काट रही है, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही। थक-हारकर उसने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें पति द्वारा मारपीट कर घर से निकालने और दहेज प्रताड़ना की बात लिखी गई है।
फिलहाल, सुनीता की यह स्थिति लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है। इंसाफ की आस में भटकती इस महिला की हालत देख हर किसी की आंखें भर आईं। सवाल यह है कि कब तक सुनीता जैसी महिलाएं न्याय के लिए सड़क पर गिरती रहेंगी, और कब उनकी पुकार व्यवस्था के कानों तक पहुंचेगी?
महाराजगंज– उत्तर प्रदेश।





