महाव नाला में आई बाढ़ से टूटा तटबंध, 10 एकड़ में धान की फसल जलमग्न
महाव नाला में आई बाढ़ से टूटा तटबंध, 10 एकड़ में धान की फसल जलमग्न
देवघट्टी के हरखपुरा टोले में तटबंध टूटा, किसानों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का लगाया आरोप | प्रशासन मौके पर, मरम्मत कार्य जारी.
आई एन न्यूज बरगदवा डेस्क:
महाव नाला में आई अचानक बाढ़ ने नौतनवा ब्लॉक क्षेत्र के बरगदवा थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत देवघट्टी, टोला हरखपुरा के सामने पूर्वी तटबंध को भारी नुकसान पहुंचाया है। करीब 10 मीटर लंबा तटबंध टूटने से आस-पास के खेतों में लगी लगभग 10 एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों में भारी निराशा और रोष व्याप्त है।
स्थानीय किसान मोहम्मद शफीक के खेत के सामने तटबंध में सबसे बड़ा कटाव हुआ है, जिससे उनके साथ-साथ कमलेश मौर्य, शैलेश पांडेय, कपिल देव साहनी, जनार्दन साहनी, शैलेंद्र साहनी और मोहम्मद सलीम जैसे कई किसान प्रभावित हुए हैं। इन सभी किसानों ने अपनी मेहनत और संसाधनों से तैयार की गई फसल को पानी में डूबते देखा और इस आपदा को ‘कृत्रिम’ करार देते हुए सिंचाई विभाग पर सीधा आरोप लगाया।
साफ-सफाई के बाद भी टूटा तटबंध, सवालों के घेरे में विभाग
जानकारी के मुताबिक, महाव नाला की सफाई और सिल्ट निकासी का कार्य सिंचाई विभाग द्वारा कुछ समय पहले ही कराया गया था। लेकिन हाल की बारिश और अचानक आई बाढ़ ने तटबंध को कमजोर कर दिया और वह टूट गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि तटबंध की मरम्मत में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिससे यह हादसा हुआ। इस लापरवाही ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन मौके पर, तत्काल शुरू हुआ मरम्मत कार्य
बाढ़ की खबर मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। अपर जिलाधिकारी (एडीएम) नवनीत गोयल, उपजिलाधिकारी नवीन कुमार, और नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
उनके निर्देश पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव कपिल के नेतृत्व में तटबंध की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है।
किसानों की मांग – मुआवजा और स्थायी समाधान
प्रभावित किसानों ने सरकार से तत्काल मुआवजा और तटबंध की स्थायी मरम्मत की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार की आपदा से बचा जा सके। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते प्रभावी कदम न उठाए गए, तो अगली बाढ़ में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। महाराजगंज/ उत्तर प्रदेश:





