फरेंदा तहसील में गरजे लेखपाल, SDM को सौंपा ज्ञापन
फरेंदा तहसील में गरजे लेखपाल, SDM को सौंपा ज्ञापन
आई एन न्यूज फरेंदा डेस्क:
शनिवार को फरेंदा तहसील परिसर में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के तत्वाधान में तहसील के लेखपालों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान 30 से अधिक लेखपालों ने एकजुट होकर हुंकार भरी और शासन-प्रशासन के खिलाफ अपनी समस्याओं को रखते हुए उपजिलाधिकारी (SDM) फरेंदा को ज्ञापन सौंपा।
लेखपालों का कहना है कि वेतन विसंगति को लेकर वे 10 सालों से इंतजार कर रहे हैं। राजस्व परिषद 2017 और 2026 में दो बार इसकी संस्तुति भेज चुका है। पड़ोसी संवर्गों को इसका लाभ मिल चुका है, लेकिन लेखपाल आज भी इससे वंचित हैं।
अंतरमंडलीय ट्रांसफर (घर वापसी): पिछले 8 सालों से स्थानांतरण बंद होने के कारण लगभग 2,700 लेखपाल अपने परिवारों से 400 से 800 किलोमीटर दूर तैनात हैं। इस समय पोर्टल पर 2,669 आवेदन लंबित पड़े हैं।
DPC पिछले 2 वर्षों से लंबित होने के कारण प्रमोशन रुके हुए हैं, जिससे जूनियर और सीनियर के बीच असमानता बढ़ रही है और कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है।
भत्तों में पुनरीक्षण: लेखपालों को आज भी 16 साल पुराने भत्तों की दरों पर भुगतान किया जा रहा है, जिसे वर्तमान महंगाई के हिसाब से संशोधित किया जाए।
20 अगस्त को अयोध्या में लेखपाल साथी के साथ हुई घटना का हवाला देते हुए वक्ताओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। रोस्टर के नाम पर बिना किसी सुरक्षा के लेखपालों को गांव-गांव भेजा जा रहा है, जिस पर रोक लगनी चाहिए।
इस अवसर पर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं लेखपालों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए संघ की एकजुटता पर जोर दिया। कार्यक्रम में वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रताप चौधरी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष गुलशन भारती, उपमंत्री जितेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष सूरज कुमार, ऑडिटर सोनालिका सहित शिवम गुप्ता, पूर्णिमा गुप्ता, कुलदीप शर्मा, अमरेश, आशीष सिंह, शांत विजय सिंह, दीन दयाल समेत कई लेखपाल उपस्थित रहे। महाराजगंज, उत्तर प्रदेश.








































