नही थमा सोनौली बार्डर से जहरीले चाईनीज सेव की तस्करी आखिर जिम्मेदार बेपरवाह क्यो ?
नही थमा सोनौली बार्डर से जहरीले चाईनीज सेव की तस्करी आखिर जिम्मेदार बेपरवाह क्यो ?■पुलिस व कस्टम की साठगांठ से तस्कर प्रतिदिन सरकार का लाखो रुपये का लगा रहे राजस्व का चूना
■ सोनौली बार्डर से जहरीले चाइनीज सेव,लौंग इलाईची व काली मिरीच की तस्करी हुई तेज।
इंडो नेपाल न्यूज ब्यूरो सोनौली: नेपाल से सटे भारत का सोनौली बार्डर से जहरीले चाइनीज सेबोंकी तस्करी जारी है । दाम में कम एवं भारतीय सेव के मुकाबले आकर्षक होने के कारण भारतीय बाजारों में इन सेबों की काफी मांग है। चाइनीज सेव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है । फिर भी तस्कर अपने फायदे के लिए प्रतिदिन सोनौली से इन सेबों की बड़ी खेप पिकअप से नौतनवा-फरेन्दा-गोरखपुर की मंडियों में अवैध ढंग से भेजवाते हैं। जिस कारण सरकार को राजस्व का प्रतिदिन लाखो रुपये का चुना लग रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नेपाल का सीमावर्ती क़स्बा बेलहिया मे प्रतिदिन 50 से 60 पिकअप चाईनीज सेव आता है । और वहा से भारतीय बार्डर पर पुलिस ,कस्टम बिभाग, एसएसबी से छुप-छुपते हुये साईकिल कैरियर के जरिये एक-एक गत्ता करके सोनौली के बर्तन गली नम्बर दो से होते हुये सोनौली कस्बे के अन्दर बना गोदाम मे ले जाकर डम्प करते है । तस्कर साईकिल कैरियरो की एक बड़ी फौज खड़ा किया है जो सुबह से शाम तक 1000 से 2000 गत्ता सेब नेपाल से भारत में पर कर देते है ! और रात मे मौका देख पिकअप व प्राईवेट वाहनो पर लादकर नौतनवा फरेन्दा गोरखपुर कि मंडी में भेज देते है !
चाईनीज सेव का कारोबारी बिहार निवासी है जो एक लम्बे से सोनौली मे रह रहा है अब नेपाल के तस्करो से मिलकर फलो का कैरियर के जरिये तस्करी करा रहा है ! जो चन्द दिनो मे पूजीपति हो गया है ।
जब हमारे संवाददाता ने सेव कैरिंग कर रहे युवक से बातचीत किया तो युवक ने बताया कि बार्डर पर सब जगह लाईन देते है । कोई कुछ नही करेगा । हम सीजन के हिसाब कैरिंग करते है । कभी कास्मेटिक,कभी लौंग लाईची व काली मरीच तो कभी सुपारी बार्डर पर सभी लोग लाइन लेते है । इस दौरान सोनौली चौकी और कस्टम के कुछ सिपाहियों का भी नाम बताया ।
सीमा पर भ्रष्टाचार एक बड़ी वजह
भारत और नेपाल दोनों की सीमा पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और कस्टम अधिकारियों का भ्रष्टाचार इस तस्करी की बड़ी वजह है. लोगों के मुताबिक सीमा पर तैनात कर्मचारियों को पैसे देकर तस्कर बड़ी आसानी से भारत ले आते हैं।







