महराजगंज:कुपोषित हुए सुपोषित, खिलखिलाया बचपन
महराजगंज:कुपोषित हुए सुपोषित, खिलखिलाया बचपन
करीब सात साल में एक हजार कुपोषितों की सेहत सुधरी
आईएन न्यूज महराजगंज डेस्क:
बीते सितम्बर माह में पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती दो वर्षीय आयुष कुपोषित से सुपोषित हो गया। उसके चेहरे पर मुस्कान आ गई, बचपन भी खिलखिला उठा। यह सब हो सका पोषण पुनर्वास केन्द्र में उपलब्ध सुविधाओं से। केंद्र में कुपोषित बच्चों का उचित देखभाल कर उनके चेहरे पर मुस्कान लाई जाती है।
फरेन्दा क्षेत्र के ग्राम पंचायत महुअवां निवासीनी प्रमीला देवी ने बताया कि उसका दो वर्षीय बेटा आयुष न चल पाता था। न ठीक से बैठ पाता था। कोई हरकत भी नहीं करता था, हमेशा सुस्त रहता था। बेटे की हालत देख कर वह परेशान व हैरान रहती थी,गृह भ्रमण के दौरान जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रीना देवी आई तो बेटे को दिखाया।
प्रमीला का कहना है कि आंगनबाङी कार्यकर्ता रीना देवी ने बेटे का वजन लिया, लंबाई आदि का भी माप लिया, तो आयुष अति कुपोषित पाया गया। दो वर्षीय आयुष का वजन सिर्फ साढे छह किलो ही था।
बकौल प्रमीला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सलाह पर बेटे को लेकर जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केन्द्र लाई, जहाँ पर 25 सितम्बर 2019 को भर्ती कराया।, बेटे का उचित देखभाल हुआ तो 14 दिन में ही बेटे आयुष का वजन एक किलो बढ़कर साढे सात किलो हो गया। वह 10 अक्टूबर 2019 को अपने स्वस्थ बेटे के चेहरे पर मुस्कान लेकर घर लौट आई।
—-
दो कुपोषित बच्चों के साथ एनआरसी पहुंची गायत्री
बीते 7 फरवरी 2020 को सदर ब्लाक के ग्राम पंचायत गौनरिया बाबू टोला फुलवरिया की आंगनबाङी कार्यकर्ता मीना विश्वकर्मा के साथ उसी गांव गायत्री अपने 20 माह के बेटे अजय व 4 साल की बेटी पल्लवी को लेकर पोषण पुनर्वास केन्द्र पहुंची।
गायत्री ने बताया कि जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने दोनों बच्चों को नाप तौल किया तो कुपोषित बताया। पोषण पुनर्वास केन्द्र पर भर्ती कराने की सलाह दिया तो परिवार के लोग बच्चों को भर्ती कराने पर राजी नहीं हुए। मगर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा बार -बार समझाने व प्रेरित करने के बाद घर से इजाजत मिली।
मगर बच्चों का सेहत दिन प्रति गिरता देख पोषण पुनर्वास केन्द्र लेकर आई। पोषण पुनर्वास केन्द्र की प्रभारी ने दो बच्चों को भर्ती कर देखभाल शुरू कर दिया है।
——
दस माह में लौटी 140 कुपोषितों के चेहरे पर मुस्कान
केन्द्र की प्रभारी पूजा त्रिपाठी ने बताया कि दस माह में( अप्रैल 2019 से 07 फरवरी 2020) तक कुल 140 बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लौटी है। इसमें से अकेले जनवरी 2020 माह में कुल 18 कुपोषित बच्चों को पोषित कर उनके चेहरे पर मुस्कान लाई गई।
कुल 1011 कुपोषितों का खिलखिलाया बचपन
केन्द्र की प्रभारी ने बताया कि नौ मार्च 2013 से संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्र से 07 फरवरी 2020 तक कुल 1011 कुपोषित बच्चों का उचित देखभाल करके उनका सेहत सुधार कर उनके व उनके परिजनों के चेहरे पर खुशहाली लाई गई। 07 फरवरी 2020 को पुनर्वास केन्द्र में कुल सात बच्चे भर्ती हैं, जिनके सेहत सुधारने का उचित प्रबंध किया गया है।
——-
पोषण पुनर्वास केन्द्र पर दी जाने वाली सुविधाएं
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर ए के राय ने बताया कि इस केन्द्र में बच्चों को निःशुल्क भर्ती किया जाता है। बच्चों को चिकित्सीय एवं खाने की व्यवस्था भी निःशुल्क दी जाती है। केन्द्र में भर्ती बच्चों की माँ को भी निःशुल्क आहार उपलब्ध कराया जाता है। केन्द्र से बच्चों को घर छोड़ने व लाने की सुविधा एंबुलेंस से निःशुल्क दी जाती है। दवाएं भी मुफ्त में मिलती है। भर्ती के दौरान बच्चों की माँ को प्रतिदिन 50 रुपये ह्रास का दिया जाता है। केन्द्र पर बच्चों को भर्ती कराने लाने वाली आशा/आंगनबाङी कार्यकर्ता को भी 50 रूपये प्रतिपूर्ति दी जाती है।
महराजगंज उ०प्र०
10 फरवरी 2020





