सोनौली बॉर्डर पर 36 घंटे से फसे नेपाली नागरिक, प्रशासनिक हलचले तेज
सोनौली बॉर्डर पर 36 घंटे से फसे नेपाली नागरिक, प्रशासनिक हलचले तेज
इंडो नेपाल न्यूज़ सोनौली डेस्क:
भारत के विभिन्न शहरों से इंडो नेपाल के सोनौली बॉर्डर पहुचे करीब 300 से अधिक नेपाली नागरिक 36 घंटो से बॉर्डर पर फसे पड़े हैं । यह नागरिक अपने वतन लौटने के लिए बेताब हैं।
भारत समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए लॉक डाउन की घोषणा हो चुकी है। ऐसे में भारत मे नौकरी कर रहे हजारो नेपाली मजदूर अब अपने वतन वापसी की राह देख रहे है।
नेपाल में भी लाक डाउन होने के कारण सोनौली सीमा पर सैकड़ो नेपाली नागरिक बीते तीन दिनों से फंसे हुए है। जिन्हें नेपाल सरकार ने अपने वतन लौटने का कोई फरमान नही सुना रही है। सीमा पर फसे यह लोग सड़क पर ही सोने के मजबूर है। बच्चे और महिलाये राजधानी दिल्ली से तो किसी तरह सीमा पर पहुँच गए लेकिन अब इन लोगो को इनकी ही सरकार अपने देश मे प्रवेश नही करने दे रही है। नेपाल पुलिस के बेलहिया इलाका प्रहरी कार्यालय के निरीक्षक ईश्वरी अधिकारी का कहना है कि सरकार को सूचना दिया जा चुका है । जैसे ही आदेश आयेगा इन्हें नेपाल में प्रवेश करने दिया जायेगा।
इधर सोनौली बॉर्डर पर फंसे नागरिकों के खाने पीने की व्यवस्था में नगर पंचायत सोनौली जुटी हुई है। स्वयं सुधीर त्रिपाठी अध्यक्ष नगर पंचायत सोनौली प्रतिनिधि पहुंचकर एसडीएम नौतनवा के साथ अधिशासी अधिकारी राजनाथ यादव व्यस्था पर पूरी नजर बनाए हुए है।
इंडो नेपाल न्यूज़ से बातचीत में सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि बाहर से आए नेपाली नागरिकों तथा नगर पंचायत सोनोैली के किसी भी निरीह गरीब,मजदूर जरूरतमंद को भूखे नहीं सोने दिया जाएगा। इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। इसके लिए पूरी टीम लगाई गई है।
महाराजगंज उत्तर प्रदेश।





