नेपाल के पहाड़ी जिलो में, सरसों तेल आठ सौ और चीनी बिक रहा चार सौ प्रति किलो
नेपाल के पहाड़ी जिलो में, सरसों तेल आठ सौ और चीनी बिक रहा चार सौ प्रति किलो।
आई एन न्यूज सोनौलो डेस्क:
भारत नेपाल के रिश्तो में कड़वाहट बड़ी है कारण नेपाल की कम्युनिस्ट सरकार ने चीन के इशारे पर भारत से अपने सम्बन्ध खराब कर लिए जिसका नतीजा अब पूरे नेपाल की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
भारत और नेपाल को सदियों से मिली-जुली संस्कृति एक करती रही है। दोनों देशों के बीच बेटी-रोटी का रिश्ता इतना गहरा कि कभी लगा ही नहीं कि दो देश हैं। परन्तु हाल के दिनों में नेपाली सरकार ने भारत के साथ संबंधों में खटास पैदा कर दिया है।
भारत से सम्बन्ध बिगाड़ने के बाद नेपाल में अब महंगाई ने हाहाकार मचाना शुरू कर दिया है, रोजमर्रा के सामान की कीमतें आसमान छू रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, नेपाल में नमक 60 रुपये (सौ नेपाली करेंसी) प्रति किलोग्राम बिक रहा है।
गौरतलब है की कोरोना को रोकने के लिए दोनों देशों में लॉकडाउन किया गया था। सीमा भी सील कर दी गई थी। इसके अलावा नेपाल पुलिस ने भारत के क्षेत्र सीतामढ़ी में अंधाधुंध फायरिंग करके रिश्ते में और कड़वाहट पैदा कर दी ।इस फायरिंग में एक भारतीय की मृत्यु हो गयी थी, कई घायल हो गए थे। जिसके चलते अब सीमा पर सख्ती और बढ़ा दी गई। सीसीटीवी से भी चौकसी की जाने लगी। इससे भारतीय क्षेत्र से जरूरी सामान नेपाल के नागरिकों को मिलना कठिन हो गया है ।
बिहार के मधुबनी का लदनियां नेपाल के सिरहा जिले से सटा है। इस कारण वहां के लोग लदनियां बाजार से सामान खरीदने मुश्किल से आ पा रहे। कुछ चोरी-छिपे ले जा रहे। यही कारण है कि नेपाल में छह गुना से अधिक बढ़ी कीमत पर सामान खरीदने को वहां की जनता मजबूर है। वे लोग अपनी ही सरकार को कोस रहे हैं। भारत-नेपाल संबंध को पहले की तरह मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेपाल में पहले पहले नमक का दाम प्रति किलो 16 नेपाली करेंसी था, अब 100 नेपाली करेंसी हो गया है। सरसों तेल दो सौ की जगह आठ सौ प्रति लीटर, चीनी 70 की जगह चार सौ प्रति किलो, जीरा चार सौ की जगह दो हजार, काली मिर्च 1600 की जगह 3500, हल्दी 250 की जगह आठ सौ और अरहर दाल 150 की जगह 700 प्रति किलो नेपाली करेंसी बिक रहा। बता दें कि सौ नेपाली करेंसी का मूल्य 60 रुपये होता है।
बता दें कि नेपाल ने उत्तराखंड के कुछ इलाकों को अपना बताते हुए नक़्शे में संसोधन किया है। नेपाली संसद के दोनों सदनों में इस नक़्शे को मंजूरी मिल गई है। तबसे भारत और नेपाल के रिश्ते में कड़वाहट आ गयी है।





