सोनौली: चीनी व्यापारियों का उत्पीड़न, चर्चित सिपाही की मनमानी
सोनौली: चीनी व्यापारियों का उत्पीड़न, चर्चित सिपाही की मनमानी
आई एन न्यूज सोनौली डेस्क: भारत-नेपाल सीमा पर स्थित अंतरराष्ट्रीय महत्व का कस्बा सोनौली इन दिनों गंभीर मुद्दों का सामना कर रहा है। यहां के चीनी व्यापारियों की जिंदगी मुश्किल में पड़ गई है। कस्बे में करीब दो दर्जन से अधिक बड़े चीनी व्यापारी अपनी दुकानें चलाते हैं, लेकिन एक चर्चित सिपाही की वजह से उनका व्यापार संकट में है।
चर्चित सिपाही की मनमानी:
सोनौली पुलिस चौकी का एक चर्चित सिपाही, जो लगभग तीन साल से यहां तैनात है, चीनी व्यापारियों से प्रति ट्रक ₹15,000 की अवैध मांग कर रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि जब भी चौकी प्रभारी या थानेदार बदलते हैं, इस सिपाही की मांगें बढ़ जाती हैं। एक व्यापारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अगर इसी तरह उत्पीड़न जारी रहा, तो उन्हें अपना कारोबार बंद करने और सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
व्यापार पर असर
सोनौली का व्यापार पहले ही संकट में है, और इस सिपाही की अवैध मांगें व्यापारियों की मुश्किलें और बढ़ा रही हैं। चीनी व्यापारियों का कहना है कि सोनौली का व्यापार ठप है, लेकिन सिपाही की डिमांड कम नहीं हो रही है। व्यापारियों ने उच्च पुलिस अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करने की कोशिश की है।
तस्करी के आरोप
सोनौली का कस्बा नेपाल के बड़े शहरों से सटा हुआ है, जहां से लोग भारतीय सीमा में भ्रमण, बाजार देखने और खरीदारी करने आते हैं। यहां उन्हें चीनी चाय पत्ती और अन्य रोजमर्रा का सामान सस्ता मिलता है, जिसे वे नेपाल ले जाते हैं। हालांकि, पुलिस इसे तस्करी का रूप देकर व्यापारियों से अवैध वसूली करती है।
निष्कर्ष
सोनौली के चीनी व्यापारियों की स्थिति चिंताजनक है। पुलिस की मनमानी और अवैध मांगें व्यापारियों के लिए बड़ा संकट बन गई हैं। व्यापारियों ने उच्च अधिकारियों से इस मुद्दे पर ध्यान देने और उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि वे बिना डर और उत्पीड़न के अपना कारोबार चला सकें।
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नौतनवा जयप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि इस तरह की शिकायत लिखित रूप से नहीं मिली है संज्ञान में आया है पूरे मामले की जांच कर कर कार्रवाई की जाएगी इस तरह का कार्य ठीक नहीं है।
महाराजगंज –उत्तर प्रदेश।





